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RKM Power PLant: 12 वर्षों से लिफ्ट का रख-रखाव नहीं किया गया

RKM Power PLant: १२ वर्षों से लिफ्ट का रख-रखाव नहीं किया गया

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09 अक्टू. 2025, 04:48 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

RKM Power Plant
RKM Power Plant

रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के दभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में रविवार रात एक भयानक हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा के खस्ताहाल मानकों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि हादसे का शिकार बनी लिफ्ट का रखरखाव पूरे 12 वर्षों से नहीं किया गया था. 


जर्जर तारों, सुरक्षा बेल्ट और उपकरणों की वजह से लिफ्ट धसक गई, जिसमें चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा मूल घटना के फॉलोअप के रूप में सामने आया है, जहां प्रबंधन की लापरवाही ने कई जिंदगियों को लील लिया.


मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चला कि लिफ्ट की स्थिति वर्षों से खराब थी, लेकिन प्रबंधन ने उत्पादन बढ़ाने पर ही ध्यान दिया और सुरक्षा को लगातार नजरअंदाज किया. 


कई शिकायतें दर्ज की गई थीं, परंतु उन्हें ठेंगा दिखा दिया गया. हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय मजदूरों ने बताया कि प्लांट में छोटे-मोटे हादसे तो आम बात हैं, जिन्हें पैसे और प्रभाव से दबा दिया जाता रहा है.


बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद आरकेएम प्लांट प्रबंधन ने गेट बंद करवा दिए और मीडिया को अंदर घुसने से रोक दिया, जिससे जनता में संदेह और गहरा गया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी यहां की पुरानी बीमारी है. 


प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जो सवालों को और बढ़ा रहा है.


आईजी संजीव शुक्ला और एसपी अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस ने कंपनी के सात अधिकारियों और निदेशकों के खिलाफ आईपीसी 2023 की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है. 


जिला कलेक्टर ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176(1) के तहत मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं. दभरा एसडीएम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपेंगे.


2025 में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक हादसों पर उपलब्ध आंकड़े


छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में कोयला खनन, स्टील और पावर प्लांट प्रमुख हैं, जहाँ सुरक्षा लापरवाही के कारण हादसे आम हैं. संसदीय डेटा के अनुसार, कोयला खदानों में 2025 की शुरुआत तक राज्य में घातक हादसे दर्ज हुए हैं. कुल मिलाकर, अब तक कम से कम 11 मृतक और 23 घायल (प्रमुख हादसों से) रिपोर्ट हुए हैं, लेकिन यह अनुमानित है क्योंकि छोटे हादसे रिपोर्ट न होने पर छूट सकते हैं.


प्रमुख औद्योगिक हादसों का विवरण (2025)

2025 में दर्ज प्रमुख हादसों में सबसे पहले 20 फरवरी को चिकला एरिया की कोयला खदान में भूमिगत विकास कार्य के दौरान एक हादसा हुआ, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई. इसके बाद 6 अगस्त को रायपुर के एनटीपीसी लारा प्लांट में प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म के ढहने से एक व्यक्ति की जान चली गई और पाँच अन्य घायल हो गए, जिसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए.


20 अगस्त को कोरिया जिले की एक खदान में छत गिरने जैसे घातक हादसे में एक मजदूर की मौत हुई. लगभग दो दिनों बाद, 22 अगस्त को कोरबा के गेवरा ओसीपी (एसईसीएल) में एक खाली ट्रक से टक्कर लगने के कारण एक और हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की जान गई.


सबसे बड़ा हादसा 26 सितंबर को रायपुर के सिलतारा स्थित गोदावरी इ स्पात लिमिटेड स्टील प्लांट में संरचना या रूफ के ढहने से घटा, जिसमें छह मजदूरों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. 


अंतिम प्रमुख घटना 8 अक्टूबर को सक्ति जिले के दभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में लिफ्ट गिरने से हुई, जहाँ 12 वर्षों से रखरखाव न होने के कारण चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और मजिस्ट्रेट जांच शुरू हुई.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP