अवैध टैरिफ के वापसी के लिए अमेरिकी सीनेट में रिफंड बिल पेश
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिका के तीन प्रमुख डेमोक्रेटिक सांसदों ने सोमवार, 23 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन से उन टैरिफ राजस्व को वापस करने की मांग की गई है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है. सीनेटर रॉन वाइडन, एड मार्की और जीन शाहीन द्वारा अनावरण किए गए इस बिल के तहत 'यू.एस. कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन' को 180 दिनों के भीतर लगभग 175 बिलियन डॉलर की राशि ब्याज सहित रिफंड करने का आदेश देने का प्रस्ताव है.
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस 6-3 के ऐतिहासिक फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी बताया गया था.
इस प्रस्तावित कानून में छोटे व्यवसायों को रिफंड प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की बात कही गई है. साथ ही, बड़े आयातकों और थोक विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया गया है कि वे इस रिफंड का लाभ सीधे आम ग्राहकों तक पहुँचाएं.
सीनेटर रॉन वाइडन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप की "अवैध कर योजना" ने अमेरिकी परिवारों और निर्माताओं को भारी नुकसान पहुँचाया है, और अब समय आ गया है कि यह पैसा वापस उनके खातों में जाए. सीनेटर जीन शाहीन ने भी जोर देकर कहा कि बढ़ती कीमतों से हुई क्षति की भरपाई के लिए राष्ट्रपति को तत्काल यह अवैध टैक्स वापस करना चाहिए.
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि रिफंड का मुद्दा फिलहाल प्रशासन के हाथ में नहीं है और यह निचली अदालतों में चल रहे मुकदमों के अधीन है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने डेमोक्रेट्स के इस कदम को राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यों को कमजोर करने की एक "दयनीय कोशिश" करार दिया है.
खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि रिफंड की प्रक्रिया सरकारी कर्ज को बढ़ा सकती है और उन्होंने अनुमान लगाया है कि यह कानूनी लड़ाई अगले पांच वर्षों तक खिंच सकती है.
यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के 'पेन व्हार्टन बजट मॉडल' के अनुसार, यह रिफंड राशि औसतन प्रति अमेरिकी परिवार 1,300 डॉलर के बराबर है, जिसे लेकर अब आगामी मध्यावधि चुनावों में राजनीतिक घमासान तेज होने की उम्मीद है.