RBI का स्वर्ण भंडार पहली बार $100 अरब के पार पहुंचा
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का स्वर्ण भंडार पहली बार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो 102.365 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है. यह उपलब्धि सोने की वैश्विक कीमतों में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी के कारण हासिल हुई है, जबकि इस साल केंद्रीय बैंक की सोने की खरीद में काफ़ी कमी आई है.
RBI के नवीनतम विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार में $3.595 अरब की वृद्धि हुई, जिससे कुल मूल्य $102.365 अरब हो गया. हालाँकि, इस दौरान देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार $2.18 अरब घटकर $697.784 अरब रह गया.
ट्रेडर्स के मुताबिक, कुल भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 14.7% हो गई है, जो 1996-97 के बाद सबसे अधिक है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) की रिसर्च हेड कविता चाको ने कहा कि यह वृद्धि मुख्य रूप से सोने की बढ़ती कीमतों से हुए मूल्यांकन लाभ (valuation gains) के कारण हुई है.
इस साल RBI की सोने की खरीद में उल्लेखनीय कमी आई है. 2025 के पहले नौ महीनों में केवल 4 टन सोने की खरीद हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 50 टन की खरीद हुई थी. इसके बावजूद, वैश्विक कीमतों में लगभग 65% की ज़बरदस्त तेज़ी के कारण $100 अरब का मील का पत्थर पार हो गया.
वैश्विक केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर से दूर अपने भंडार में विविधता लाने के लिए लगातार सोने का संचय कर रहे हैं, जिसका एक कारण भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि और डी-डॉलराइज़ेशन (de-dollarisation) की प्रवृत्ति है.
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है, में सोना खरीदना एक गहरी सांस्कृतिक परंपरा और निवेश का प्रतीक माना जाता है.