राजनांदगांव आश्रम केस: संदिग्ध फंडिंग और धर्म परिवर्तन के आरोपों की जांच तेज
दुर्ग । संवाददाता: राजनांदगांव पुलिस धर्मपुर आश्रम-चर्च परिसर में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन और नाबालिगों को अवैध रूप से रखने के गंभीर आरोपों की गहनता से जांच कर रही है. इस मामले में पुलिस का मुख्य ध्यान वहां मिलने वाले संदिग्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल, फंडिंग के स्रोतों और एक संभावित नेटवर्क पर केंद्रित है.
राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि पुलिस उन प्रशिक्षण सत्रों की बारीकी से जांच कर रही है जो पिछले साल आयोजित किए गए थे. इन सत्रों में शामिल होने वाले लोगों, सिखाए गए विषयों और उनके उद्देश्यों के बारे में लगातार पूछताछ की जा रही है.
जांच के दौरान कई बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की बात भी सामने आई है, जिसके संबंध में संबंधित लोगों से जवाब मांगा जा रहा है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में कौन-कौन से संगठन जुड़े हुए हैं और उनके अधीनस्थ लोगों को किस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा था. सुरक्षा और जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कुछ विवरणों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
वहीं, आश्रम में पाए गए नाबालिग बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके गृह जनपद कांकेर की बाल कल्याण समिति के पास भेज दिया गया है.
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस मामले में धर्म परिवर्तन के अलावा भी कोई अन्य आपराधिक पहलू शामिल है. एसपी अंकिता शर्मा ने आश्वासन दिया है कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क और फंडिंग के पीछे के असल मकसद को उजागर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.