रायपुर सीवर टैंक हादसा: कांग्रेस ने पूछा-अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल में हुए सेप्टिक टैंक हादसे को लेकर सियासत गरमा गई है. प्रदेश कांग्रेस ने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में प्रशासन और ठेकेदारों के बीच एक ऐसा गठजोड़ पनप चुका है, जिसने गरीब मजदूरों की जान को बेहद सस्ता बना दिया है. पार्टी ने इस पूरी घटना को केवल एक लापरवाही न मानकर इसे 'सुनियोजित अपराध' करार दिया है.
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने साल 2022 में ही सीवर सफाई को पूरी तरह मशीनीकृत करने और 'जीरो फेटलिटी' का लक्ष्य निर्धारित कर दिया था, तो फिर छत्तीसगढ़ में इंसानों को मौत के मुहाने पर क्यों उतारा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि रामकृष्ण हॉस्पिटल की घटना में तीन लोगों की जान जाना शासन की विफलता का सीधा प्रमाण है. ठाकुर ने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले अशोका बिरयानी और गुड़ाखु कंपनी में भी सफाई के दौरान श्रमिकों की जान गई थी, लेकिन प्रशासन ने उनसे कोई सबक नहीं लिया.
कांग्रेस प्रवक्ता ने नियमों का हवाला देते हुए पूछा कि वर्ष 2022 के सरकारी प्रावधानों के अनुसार, ऐसे हादसों के लिए ठेकेदार, संबंधित प्रबंधन, निगम आयुक्त और मुख्य अभियंता को सीधे तौर पर जवाबदेह माना गया है. इसके बावजूद रामकृष्ण हॉस्पिटल कांड में इन उच्चाधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ अब तक एफआईआर या कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार खुद के बनाए नियमों से पीछे हट रही है और मैनुअल स्केवेंजिंग पर कोर्ट के सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. पार्टी के अनुसार, इन मौतों को महज दुर्घटना कहना गलत होगा, बल्कि ये 'सरकारी हत्याएं' हैं जिनके लिए प्रशासन की संवेदनहीनता जिम्मेदार है.