रायपुर: सरकारी शराब दुकान में नौकरी के नाम पर ठगी
रायपुर । संवाददाता: राजधानी के खम्हारडीह थाना पुलिस ने सरकारी शराब दुकानों में नौकरी लगाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कई बेरोजगार युवाओं से करीब 4.5 लाख रुपये की ठगी की थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश साहू (27, निवासी बलौदाबाजार, वर्तमान निवासी खमतराई) और दिलीप यादव (32, निवासी बीरगांव) के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का खुलासा जांजगीर-चांपा निवासी पीड़ित शिवधन सागर की शिकायत के बाद हुआ. ठगों ने सितंबर 2025 में एक मोबाइल मैसेजिंग कैंपेन चलाया था, जिसमें प्रदेश की सरकारी शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन के पदों पर भर्ती का फर्जी विज्ञापन दिया गया था.
इस मैसेज को देखकर जब पीड़ित ने संपर्क किया, तो आरोपी योगेश साहू ने खुद को भर्ती समन्वयक (रिक्रूटमेंट कोआर्डिनेटर) बताकर उसे रायपुर बुलाया.
आरोपी योगेश ने पीड़ितों को सरकारी नौकरी का पक्का भरोसा देकर प्रति उम्मीदवार 1.5 लाख रुपये की मांग की. झांसे में आकर शिकायतकर्ता और उसके साथियों ने डिजिटल पेमेंट और कैश के माध्यम से कुल 3 लाख रुपये दे दिए.
रकम ऐंठने के बाद योगेश ने उन्हें कोरबा जिले की एक विदेशी शराब दुकान के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया, जो जांच करने पर पूरी तरह फर्जी निकला.
जब पीड़ितों ने फर्जी जॉइनिंग लेटर को लेकर सवाल उठाए, तो योगेश ने उन्हें अपने साथी दिलीप यादव से मिलवाया. दिलीप ने खुद को एक प्राइवेट फर्म का ऑपरेशन्स हेड बताते हुए जांजगीर-चांपा में ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने का दावा किया.
इसके एवज में दिलीप ने पीड़ितों से 1.5 लाख रुपये और वसूल लिए. इसके बाद दोनों आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए और पैसे लौटाने से मुकर गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) मयंक गुर्जर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 336(3) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.