कांकेर में बारिश से टूटा तालाब, किसानों की फसल तबाह
बारिश से टूटा तालाब, किसानों की फसल तबाह
कांकेर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मांडाभर्री गांव में तालाब की मेढ़ टूटने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है. वन विभाग के द्वारा लाखों रुपए की लागत से बनाए गए तालाब की मेढ़ बीती रात को टूट गई.
मेढ़ टूटते ही पानी के तेज बहाव से साथ मलबा आस-पास के खेतों में जा घुसा. इससे दर्जनों किसानों की धान की खड़ी फसल तबाह हो गई.
इस घटना से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है. नुकसान से परेशान किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है.
क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिनों से तेज बारिश हो रही है. इस बारिश ने कांकेर जिले के सरोना वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मांडाभर्री गांव में बने तालाब के घटिया निर्माण की पोल खेल दी है.
वन विभाग द्वारा 4 साल पहले ही इस तालाब का निर्माण कराया गया था. आरोप है कि निर्माण कार्यों में की गई लापरवाहियों के कारण तालाब बारिश का दबाव झेल नहीं पाया.
बताया गया कि ग्रामीणों ने शुरुआती दिनों में ही तालाब बनाने का विरोध किया था. इसके बाद भी तालाब बना दिया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब निर्माण में काम ठीक से नहीं किया गया था. तालाब के किनारों को मजबूत करने के लिए पत्थरों से पिचिंग भी नहीं की गई थी.
इतना ही नहीं तालाब निर्माण के बाद अतिरिक्त पानी निकासी की व्यवस्था भी नहीं की गई थी.
क्षेत्र में भारी बारिश से तालाब में क्षमता से अधिक पानी भर गया था. पानी निकासी नहीं होने से दबाव बढ़ गया और तालाब का पार टूट गया. इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है.
तालाब पार का पूरा मलबा खेतों में फैल गया है. मलबे से खेत में लगी धान के पौधे दब गए हैं. जिसे किसान निकाल भी नहीं सकते और ना ही दूसरी फसल लगा सकते हैं.
डीएफओ रौनक गोयल ने बताया कि तालाब का निर्माण 2019-20 में कराया गया था. तालाब टूटने के कारणों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर तालाब फूटने की वजह क्या थी.