पोलावरम विस्थापितों की मांग: छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर मिले उपजाऊ जमीन
चिंतूर । डेस्क: पोलावरम सिंचाई परियोजना के जलमग्न क्षेत्र में रहने वाले परिवारों ने रविवार को नवनियुक्त जिला कलेक्टर के. दिनेश कुमार से मुलाकात कर पुनर्वास और पुनर्वस्थापन पैकेज के तहत 'जमीन के बदले जमीन' घटक को लागू करने की अपील की है. विस्थापित परिवारों का कहना है कि वे अपनी आजीविका और अस्तित्व के लिए खेती योग्य उपजाऊ भूमि के हकदार हैं.
पदभार ग्रहण करने के अगले ही दिन कलेक्टर दिनेश कुमार ने चिंतूर मंडल के ए.जी. कोडेरू गांव का दौरा किया, जहां ग्रामीणों ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटे सोदेरूपाडु, सुन्नम मटका और बोरगुवाड़ा जैसे क्षेत्रों में जमीन चिन्हित करने की मांग रखी.
विस्थापितों का तर्क है कि वे इन सीमावर्ती क्षेत्रों की कृषि-जलवायु परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं और वहां की मिट्टी बेहद उपजाऊ है.
इसके साथ ही, एटापाका मंडल के पिछुकुलपाडु पंचायत में आदिवासियों ने पेयजल संकट और वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे मिलने में आ रही चुनौतियों से कलेक्टर को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.