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HC में याचिका: केवल हिंदू, सिख और बौद्ध ही चुनाव लड़ सकें SC आरक्षित सीटों पर

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02 अप्रै. 2026, 02:45 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

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चेन्नई । डेस्क: मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर मांग की गई है कि तमिलनाडु की 44 अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित विधानसभा सीटों पर नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की कड़ी जांच की जाए. इंदु मक्कल कत्छी के नेता अर्जुन संपत द्वारा दायर इस याचिका में निर्वाचन अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति ही इन आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ें. 


याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के क्लॉज 3 के अनुसार, जो व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म में परिवर्तित हो गया है, वह अनुसूचित जाति के लाभ और आरक्षण का हकदार नहीं रह जाता है.

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याचिका में 24 मार्च, 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक हालिया ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया गया है. शीर्ष अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि अनुसूचित जाति का दर्जा केवल उन व्यक्तियों तक सीमित है जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन करते हैं. 


न्यायालय ने यह भी कहा था कि कोई व्यक्ति एक साथ किसी अन्य धर्म का अभ्यास नहीं कर सकता और साथ ही अनुसूचित जाति की सदस्यता का दावा भी नहीं कर सकता. 


याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगत या सामाजिक उद्देश्यों के लिए किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह आरक्षित सीटों पर वैधानिक लाभ या चुनाव लड़ने की पात्रता खो देता है.


अर्जुन संपत ने याचिका में एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि तमिलनाडु की 44 आरक्षित सीटों पर अब तक दाखिल किए गए नामांकनों में से लगभग 90 प्रतिशत उम्मीदवार ईसाई धर्म अपना चुके हैं. 


याचिका में कहा गया है कि ऐसे उम्मीदवार इन निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए अपात्र हैं. 


चूंकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल, 2026 है और 7 अप्रैल को नामांकनों की जांच होनी है, इसलिए याचिकाकर्ता ने अदालत से मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को तत्काल निर्देश जारी करने का आग्रह किया है. 


याचिका का मुख्य उद्देश्य रिटर्निंग अधिकारियों को यह आदेश देना है कि वे उन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दें जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य पंथ का पालन कर रहे हैं, ताकि संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो सके.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP