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छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

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25 अग. 2026, 02:05 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

बारिश
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रायपुर । संवाददातता: मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है. प्रदेश में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है. राज्य में पिछले 24 घंटों से जारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है.


मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून तंत्र अत्यधिक सक्रिय हो गया है. आगामी 24 घंटों में यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे राज्यभर में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी. 


विशेष रूप से रायपुर और उससे सटे मध्य तथा उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 50 मिमी तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे जमीन पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है.


मौसम के इस बदले रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है. 


वहीं, किसानों को फसलों में जलजमाव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करने, कटी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा कीटनाशक या उर्वरक के छिड़काव को फिलहाल स्थगित करने की सलाह दी गई है. तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए मवेशियों को भी खुले खेतों में न बांधने का दिशा-निर्देश जारी किया गया है.


गौरतलब है कि मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मौसम की गंभीरता, उससे होने वाले नुकसान के खतरे और लोगों को सतर्क करने के लिए अलग-अलग रंगों के अलर्ट जारी करता है. इसमें मुख्य रूप से चार रंगों-हरा (Green), पीला (Yellow), नारंगी (Orange) और लाल (Red) अलर्ट का उपयोग किया जाता है.


ऑरेंज अलर्ट का सीधा मतलब होता है कि मौसम बहुत खराब हो सकता है और इसके लिए पूरी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है. बारिश के मामले में जब भारी से अति भारी वर्षा (लगभग 115.6 से 204.4 मिलीमीटर) की संभावना होती है, तब ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है. इस अलर्ट का उद्देश्य लोगों और प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क और तैयार करना होता है, क्योंकि इस दौरान बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, बिजली की आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का बड़ा खतरा रहता है.


अन्य अलर्ट्स की बात करें तो सबसे पहला ग्रीन अलर्ट (हरा अलर्ट) होता है, जिसका अर्थ है कि मौसम बिल्कुल सामान्य है और किसी भी प्रकार की चेतावनी या कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. 


इसके बाद येलो अलर्ट (पीला अलर्ट) आता है, जो "देखें और नजर रखें" का संकेत देता है. इसका मतलब है कि मौसम में बदलाव आ रहा है और मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, इसलिए दैनिक कार्यों के दौरान थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.


ऑरेंज अलर्ट से भी अधिक गंभीर रेड अलर्ट (लाल अलर्ट) होता है, जो अत्यंत खतरनाक मौसम की स्थिति में जारी किया जाता है. इसका अर्थ होता है "तुरंत कदम उठाएं और सुरक्षित स्थान पर रहें". 


जब अत्यधिक मूसलाधार बारिश (204.4 मिलीमीटर से अधिक) की संभावना होती है, जिससे जीवन-माल के बड़े नुकसान और भीषण बाढ़ का खतरा बनता है, तब रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत तैनात होने के निर्देश दिए जाते हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP