छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना खत्म
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ सरकार शासकीय सेवकों के पेंशन प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम को खत्म करने का फैसला लिया है.
सरकार पुरानी पेंशन योजना (OPS) के विकल्प के रूप में एकीकृत पेंशन योजना (UPS) लागू करने जा रही है.
राज्य शासन ने राजपत्र में इसका प्रकाशन भी कर दिया है. एकीकृत पेंशन योजना पूरे प्रदेश में 1 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगी.
राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना में लिखा गया है कि 1 अगस्त 2025 से राज्य शासन की सेवा में सीधी भर्ती के विज्ञापित पदों पर चयनित शासकीय सेवकों के लिए केवल नवीन पेंशन योजना (NPS) अथवा एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में शामिल होने का विकल्प उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है.
उपर्युक्त के अनुक्रम में राज्य शासन एतद् द्वारा वित्त मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक FX-1/3/2024-PR दिनांक 24 जनवरी 2025 के माध्यम से लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को दिनांक 01-08-2025 से विकल्प के रूप में अंगीकृत करती है.
इस योजना के अंतर्गत नियुक्त समस्त शासकीय सेवकों के लेखा संधारण एवं पेंशन से संबंधित समस्त कार्रवाई संचालनालय, पेंशन और भविष्य निधि के नियंत्रण में होंगे. इस योजना के अंतर्गत लेखा संधारण, विनियमन एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे.
पेंशन को लेकर दो विकल्प
ओल्ड पेंशन स्कीम को पूरी तरह खत्म होने के बावजूद शासकीय सेवकों के पास पेंशन को लेकर दो विकल्प बचा है. इसमें एक न्यू पेंशन स्कीम NPS और दूसरा एकीकृत पेंशन योजना UPS शामिल है.
पेंशन को लेकर जारी यह आदेश राज्य सेवा के सीधी भर्ती वाले पदों पर लागू होगा.
राज्य सरकार ने इसे एक अगस्त 2025 से लागू करने का फैसला किया है. यानी 1 अगस्त के बाद सीधी भर्ती के जरिए शासकीय सेवा में आने वालों को ओल्ड पेंशन स्कीम का विकल्प नहीं मिलेगा.
वित्त विभाग के अफसरों के अनुसार इस आदेश का राज्य के शासकीय सेवकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गजट में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश 1 अगस्त 2025 से लागू होगा.
ओपीएस पर ज्यादा भरोसा
शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन योजना पर ज्यादा भरोसा है. इसी वजह से राज्य के शासकीय सेवक एनपीएस का लगातार विरोध कर रहे थे.
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शासकीय सेवकों की मांग पर राज्य में फिर से ओपीसी लागू किया था, लेकिन उसमें बड़ा पेंच फंस गया.
केंद्र सरकार ने एनपीएस के तहत जमा कराई गई राशि लौटाने से मना कर दिया था. अब राज्य सरकार पेंशन ट्रस्ट बना रही है.