दो दिन बाद शुरू हो रहा नया शिक्षण सत्र, आरटीई प्रक्रिया अधूरी
दो दिन बाद शुरू हो रहा नया शिक्षण सत्र फिर भी आरटीई प्रक्रिया अधूरी
रायपुर| संवाददाताः छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है. जबकि दो दिन बाद नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने वाला है.
पहले चरण की लॉटरी के बाद आवंटित 40 हजार सीटों में से 36 हजार सीटों पर ही प्रवेश हुआ है. जबकि 4 हजार सीटें अब भी खाली हैं. दूसरे चरण के प्रवेश के लिए आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से अभिभावक परेशान हो रहे हैं.
दो जून से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने थी, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी चालू नहीं हुआ है.
बताया जा रहा कि शिक्षा विभाग इन दिनों युक्तियुक्तकरण में उलझा है, जिसके चलते आरटीई में प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही है. इस देरी से हजारों गरीब बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है.
नए शिक्षण सत्र 2025-26 में निजी स्कूलों में बीपीएल और पात्र परिवार के बच्चों को दाखिला दिलाने राज्य में मार्च में आरटीई पोर्टल को ओपन किया गया, लेकिन शुरुआत में ही तकनीकी खराबी के चलते पोर्टल को बंद कर दिया गया.
पोर्टल को सुधारने में ही करीब पखवाड़े पर का समय लग गया. उसके बाद पोर्टल को फिर ओपन किया गया. 30 मार्च तक आवेदन करने की समय सीमा तय की गई थी.
इसके बाद 5 मई को पहले चरण की लॉटरी निकाली गई.पहले चरण में 40 हजार में से 36 हजार बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश हो चुका है. 4 हजार सीटें अब भी खाली हैं.
इन सीटों पर बच्चों ने विभिन्न कारणों से प्रवेश नहीं लिया. इन सीटों पर प्रवेश के लिए पुनः आवेदन 2 जून से ऑनलाइन शुरू हो जाना था, लेकिन अभी तक दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है.
जिलों में प्रवेश की स्थिति
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में सबसे ज्यादा 4953 सीटें रायपुर जिले में आरक्षित हैं. पहले चरण में 4510 सीटों के लिए लॉटरी निकली थी. इनमें से अब तक 3868 सीटों पर बच्चों ने दाखिला लिया है.
इसके बाद दुर्ग जिले में ज्यादा सीटें हैं. यहां 4292 सीटें हैं, जिसमें पहले चरण में 3097 सीटों का चयन हुआ है. उसमें भी 2772 सीटों पर प्रवेश लिया है.
बिलासपुर में 4899 आरक्षित सीटों में से 3760 बच्चों का चयन हुआ है. जिनमें से 3262 सीटों पर प्रवेश हुआ है.
इसी तरह जांजगीर जिले में 4463 सीटों में से 3460 सीटों के लिए लॉटरी निकली थी. इन सीटों में 3157 सीटों पर बच्चों का प्रवेश हुआ है.
अभिभावकों को दूसरे चरण का इंतजार
आरटीई के तहत अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाने का सपना संजोएं अभिभावक अब दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. ताकि उनके बच्चों को शीघ्र ही प्रवेश मिल सके.
दूसरे चरण में 4 हजार सीटों शेष हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश या नई समय-सारणी जारी नहीं की गई है.
आरटीई में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित रहती है. इस सीटों पर हर साल प्रवेश दिया जाता है.
इस साल 6628 निजी स्कूलों में आरटीई की 52035 सीटें आरक्षित हैं. इन सीटों के लिए एक लाख 5 हजार 372 आवेदन आए थे.
पहले चरण में सभी 33 जिलों में 40 हजार सीटों के लिए लाटरी निकाली गई.आवंटन के आधार पर चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश लेना था.