NCERT: 9वीं की किताब में शामिल किया 'आपातकाल' का इतिहास
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक जारी की है, जिसमें 1975-77 के आपातकाल के दौर को शामिल किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि इस किताब को ऐसे समय पर जारी किया गया है जब सरकार आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों को याद करने के लिए 'संविधान हत्या दिवस' मना रही है.
'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' नाम की इस नई किताब को बाजार में आने में करीब दो महीने से ज्यादा की देरी हुई है.
इस नई पुस्तक में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक के रूप में रेखांकित किया गया है. किताब में लिखा गया है कि 1975 से 1977 के बीच लगाया गया आपातकाल देश में बढ़ते जन-असंतोष, बेरोजगारी, महंगाई, कुशासन के आरोपों और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का नतीजा था.
यह पहली बार है जब छात्रों को इतने शुरुआती स्तर पर आपातकाल का इतिहास पढ़ाया जा रहा है. चूंकि कक्षा 9वीं में सामाजिक विज्ञान एक अनिवार्य विषय है, इसलिए अब सभी छात्रों को इसे पढ़ना होगा.
इससे पहले NCERT ने साल 2007-08 में कक्षा 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताब 'आज़ादी के बाद से भारत में राजनीति' में आपातकाल को शामिल किया था, जिसमें RSS पर प्रतिबंध, 1984 के सिख विरोधी दंगे और 2002 के गुजरात दंगों का भी जिक्र था.
हालांकि, साल 2022 में किए गए सिलेबस बदलावों के तहत NCERT ने गुजरात दंगों, RSS प्रतिबंध और महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े कुछ संदर्भों को हटा दिया था.
किताब जारी होने के समय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि NCERT ने इसे जानबूझकर सरकार के एजेंडे के साथ जोड़ा है.
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल के उस काले दौर और उसके पीछे के कड़वे सच को जरूर समझना चाहिए.