NCERT विवाद: कांग्रेस ने पाठ्य पुस्तकों में बदलाव की जांच की मांग
नई दिल्ली । डेस्क: एनसीईआरटी की कक्षा 8 की समाज विज्ञान की किताब को लेकर जारी विवाद अब एक बड़े राजनीतिक घमासान में बदल गया है. कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने खुद उस 'नागपुर सांप्रदायिक इकोसिस्टम' को आकार दिया है, जिसने बीते एक दशक में पाठ्यपुस्तकों के साथ छेड़छाड़ की है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का इस मुद्दे पर नाराजगी जताना केवल एक 'दिखावा' और 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश है.
उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक विशेषज्ञों के बजाय 'वैचारिक वायरस' फैलाने वाले लोगों के माध्यम से सुनियोजित तरीके से पाठ्यक्रमों का भगवाकरण और ध्रुवीकरण किया गया है.
यह विवाद तब और गहरा गया जब सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित सामग्री पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए इसके प्रकाशन और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया.
शीर्ष अदालत ने इसे संस्थान की गरिमा पर 'सोची-समझी साजिश' करार देते हुए सभी प्रतियों को तुरंत जब्त करने का आदेश दिया है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि अब अगला तार्किक कदम यह होना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं इस बात की जांच कराए कि पिछले 10 वर्षों में पाठ्यपुस्तकों को किस तरह राजनीतिक हिसाब चुकता करने का हथियार बनाया गया है.
हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस चूक पर दुख जताते हुए जवाबदेही तय करने का आश्वासन दिया है, लेकिन विपक्ष इसे सरकार की गहरी साजिश का हिस्सा बता रहा है.