छत्तीसगढ़ में खत्म होगा नक्सलवाद: राज्यपाल ने पेश किया विकास का 'बस्तर मॉडल'
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में घोषणा की कि राज्य अब वामपंथी उग्रवाद को जड़ से खत्म करने की दहलीज पर खड़ा है. राज्यपाल ने सुरक्षा बलों की सफलता का ब्यौरा देते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में एक बड़े अभियान के तहत 5,300 से अधिक नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है, जिनमें 532 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए, 2,004 गिरफ्तार हुए और 2,704 ने आत्मसमर्पण किया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पुनर्वास नीति 'भटके हुए युवाओं' को मुख्यधारा में वापस लाने में गेम-चेंजर साबित हो रही है, जिससे अब आतंक के साये की जगह बस्तर में विकास की रोशनी पहुंच रही है.
राज्यपाल ने विकास कार्यों पर जोर देते हुए 'नियद नेल्लानार योजना' का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से अंदरूनी गांवों में 17 विभागों की मदद से 25 कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं.
उन्होंने बताया कि बस्तर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,109 करोड़ रुपये की लागत से 146 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही, संचार क्रांति के तहत 728 मोबाइल टावर चालू किए गए हैं और 449 को 4G में अपग्रेड किया गया है.
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है, जहां पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में 31 नए प्राथमिक स्कूल और 19 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं.
छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए रमेन डेका ने कहा कि अब दुनिया बस्तर में 'बारूद के धुएं' के बजाय 'चित्रकोट जलप्रपात' की भव्यता देखेगी. राज्य जल्द ही देश के पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' की मेजबानी करेगा, जो यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और खेल प्रतिभा को वैश्विक मंच प्रदान करेगा.
इसके अलावा, कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में भी राज्य ने कीर्तिमान स्थापित किए हैं. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से अनाज की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाया जा रहा है.
वन संपदा के मामले में छत्तीसगढ़ का वन क्षेत्र 683 वर्ग किमी बढ़ा है, जो देश में सर्वाधिक है, साथ ही राज्य वन अधिकार पत्र वितरण में भी देश में अव्वल है. अंत में, राज्यपाल ने 'अंजोर विजन डॉक्यूमेंट' का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ 2047 तक एक पूर्ण विकसित राज्य बनने के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहा है.