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इंजेक्शन से किडनी का इलाज: डायलिसिस के दर्द से मिलेगी मुक्ति

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11 अप्रै. 2026, 08:16 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

डायलिसिस
डायलिसिस

नई दिल्ली । डेस्क: किडनी में पथरी की खबर भी किसी को डरा देने के लिए काफी होती है, लेकिन क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का नाम सुनते ही मरीज और उनके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक जाती है. अब तक की चिकित्सा पद्धति में यह माना जाता था कि यदि एक बार किडनी गंभीर रूप से खराब या फेल हो जाए, तो उसे वापस सामान्य स्थिति में लाना लगभग असंभव है. 


मरीजों के पास ताउम्र कष्टदायक डायलिसिस कराने या लाखों रुपये खर्च कर किडनी ट्रांसप्लांट कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था. लेकिन अब विज्ञान इस धारणा को बदलने की दहलीज पर खड़ा है. 

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अमेरिका के प्रतिष्ठित वाशिंगटन विश्वविद्यालय, हार्वर्ड और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के शोधकर्ता एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जो बिना किसी जटिल सर्जरी के किडनी को प्राकृतिक रूप से ठीक कर सकती है.


इस नई पद्धति को 'एएवी जीन थेरेपी' (AAV Gene Therapy) कहा जा रहा है. इस शोध का मूल आधार यह है कि किडनी की अधिकांश बीमारियों की जड़ में 'दोषपूर्ण जीन' होते हैं. 


शोधकर्ताओं का दावा है कि यदि इन बीमार जीन को स्वस्थ जीन से बदल दिया जाए, तो किडनी खुद-ब-खुद ठीक होने लगेगी और ट्रांसप्लांट की जरूरत ही खत्म हो जाएगी. 


इस थेरेपी की सबसे चौंकाने वाली बात इसमें इस्तेमाल होने वाला 'वायरस' है. वैज्ञानिकों ने सामान्य सर्दी-जुकाम फैलाने वाले 'एडिनोवायरस' को एक वाहक के रूप में चुना है. सबसे पहले इस वायरस से उसके हानिकारक तत्वों को हटाकर उसे सुरक्षित बनाया जाता है और फिर उसके भीतर स्वस्थ जीन को 'लोड' किया जाता है.


जब यह इंजेक्शन मरीज के शरीर में लगाया जाता है, तो यह वायरस एक पोस्टमैन की तरह स्वस्थ जीन को किडनी के क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंचाता है. वहां पहुंचकर ये स्वस्थ जीन बीमार कोशिकाओं पर कब्जा कर लेते हैं और धीरे-धीरे उनकी मरम्मत शुरू कर देते हैं. 


यह प्रक्रिया ठीक उसी तरह काम करती है जैसे वायरस के माध्यम से शरीर में वैक्सीन पहुंचाई जाती है. 


हालांकि, किडनी की बनावट बहुत जटिल होती है, इसलिए शोधकर्ता अभी इस बात पर बारीक परीक्षण कर रहे हैं कि स्वस्थ जीन को सटीक स्थान पर कैसे सक्रिय किया जाए. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो अगले कुछ वर्षों में किडनी फेलियर का इलाज एक सामान्य इंजेक्शन जैसा आसान हो जाएगा और लाखों लोगों को डायलिसिस के दर्द से मुक्ति मिल सकेगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP