अमित शाह की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद सुलझाने छत्तीसगढ़ और ओडिशा की बैठक
नई दिल्ली ।डेस्क: ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच वर्षों से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध का सर्वमान्य समाधान तलाशना था.
बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि दोनों राज्यों ने जनहित में केंद्रीय जल आयोग (CWC) के फैसले को स्वीकार करने पर सहमति जताई है.
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय जल आयोग को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि आयोग जो भी फैसला दोनों राज्यों के हित में लेगा, उसे ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहर्ष स्वीकार करेंगे. वर्तमान में दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जिससे आपसी बातचीत और समन्वय के जरिए विवाद सुलझने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं.
इससे पहले 31 अगस्त को नई दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक दौर की वार्ता हो चुकी थी, जिसमें जनता के हित को ध्यान में रखते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया गया था.
वहीं, जुलाई में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र के सहयोग से वार्ता द्वारा इस मुद्दे को हल करने की आवश्यकता जताई थी.
उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद साल 2016 से चला आ रहा है, जब ओडिशा सरकार ने अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत केंद्र सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी और विवाद के समाधान के लिए एक न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के गठन का अनुरोध किया था. अब दोनों राज्यों के रुख में आए इस बदलाव के बाद वर्षों पुराने इस विवाद के जल्द खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं.