शहीद का अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई
बस्तर | संवाददाताः मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर के रहने वाले जवान रंजीत कश्यप का अंतिम संस्कार सोमवार को गृह ग्राम बालेंगा में किया गया. सोमवार को शहीद जवान रंजीत कश्यप का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा गांव शहीद जवान अमर रहे के नारों से गूंज उठा.
इस दौरान वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई. इसके बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.
शहीद जवान रंजीत कश्यप का पूरे सम्मान और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बस्तर जिले के कलेक्टर, एसपी समेत सभी पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.
वन मंत्री केदार कश्यप और स्थानीय विधायक लखेश्वर बघेल भी मौजूद रहे. गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ जवान को अंतिम सलामी दी गई.
इससे पहले रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर प्लेन से रायपुर लाया गया था. एयरपोर्ट पर जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. साथ ही सलामी शस्त्र अर्पित किया.
19 सितंबर को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर हमला कर दिया था.
इस हमले में एक ऑफिसर और जवान रंजीत कुमार कश्यप शहीद हो गए थे. वहीं तीन जवान घायल हो गए थे.
ज्ञात हो कि बस्तर जिले के बालेंगा गांव के रहने वाले रंजीत कश्यप ने साल 2016 में असम राइफल्स में अपनी नौकरी शुरू की थी.
कुछ दिन पहले ही वह छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था. रंजीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था.
रंजीत की मौत से न केवल उसके बूढ़े माता-पिता का सहारा खत्म हो गया. साथ ही उसकी तीन बच्चियों के सिर से भी पिता का साया उठ गया.
नक्सल प्रभावित बालेंगा गांव से असम राइफल्स में नौकरी करने वाला रंजीत अकेला युवक था. उसकी नौकरी तीन साल बाकी थी. रिटायर्ड होने के बाद वह वापस गांव लौटने वाला था.