महादेव सट्टा ऐप: इंटरनेशनल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भंडाफोड़
रायपुर । संवाददाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए चलाए जा रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय काली कमाई के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग की जा रही थी.
मामले में नई दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग को कोर्ट ने 24 जुलाई तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है. यह इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी है, जिसमें अब तक 74 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं. ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बड़े राजनेताओं और अफसरों के संरक्षण में चल रहे इस खेल में कुल 6 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है.
जांच में सामने आया है कि दुबई इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का मुख्य केंद्र था, जहां से मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल 'टाइगर एक्सचेंज' व 'गोल्ड-365' जैसे डोमेन के जरिए पूरे भारत में फैले फ्रेंचाइजी नेटवर्क को कंट्रोल करते थे.
सट्टेबाजी से जुटाए गए कैश को फर्जी शेल कंपनियों के जरिए दुबई, मॉरिशस और यूके भेजा जाता था. बाद में इसी काली कमाई को एफडीआई, एफपीआई और क्यूआईपी जैसे वैध रास्तों से विदेशी निवेश के रूप में विकास गर्ग के नियंत्रण वाली भारतीय कंपनियों में वापस लाया गया.
इस पैसे से गर्ग ने एराया लाइफस्पेस के माध्यम से अमेरिकी कंपनी 'ईबिक्स इंक' में 97.58% और 'ईबिक्सकैश' में 64% हिस्सेदारी खरीदी.
ईडी ने विकास गर्ग पर अमेरिकी हेडक्वार्टर की संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने और गिरवी रखने का आरोप लगाया है.
एजेंसी अब तक इस मामले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है, जिसमें हाल ही में गर्ग और उनके परिवार की 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां भी अस्थायी रूप से जब्त की गई हैं.