महादेव एप घोटाले का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर CBI के शिकंजे में, दिल्ली से रायपुर लाया गया
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई की टीम ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली से रायपुर ले आई है. मेडिकल जांच के बाद आज उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में दर्ज महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े मामलों की जांच के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक अहम सफलता हासिल हुई है. करीब छह हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले का मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर दिल्ली से रायपुर पहुंचा दिया गया है. सीबीआई की टीम उसे E6 2307 फ्लाइट के जरिए यहां लेकर आई है. इस पूरी कार्रवाई से मामले की पड़ताल में नया मोड़ आने और पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है.
अदालती प्रक्रिया की बात करें तो दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कानूनी पहलुओं पर सुनवाई सुबह से दोपहर तक टलने के कारण आरोपी को रायपुर स्थानांतरित करने में थोड़ी देरी हुई.
हालांकि, अदालत ने सीबीआई की दलीलों पर विचार करते हुए आगे की जांच के लिए आरोपी की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली थी. इसी कानूनी अनुमति के आधार पर जांच एजेंसी आरोपी को एक अदालत के अधिकार क्षेत्र से दूसरे स्थान रायपुर ले जाने की प्रक्रिया पूरी कर सकी.
रायपुर आगमन के बाद सीबीआई की टीम कल शाम लगभग छह बजे सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया. इसके बाद उसे आज दोपहर सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी उससे आगे की विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की मांग रख सकती है. रायपुर पहुंचने के पश्चात एजेंसी इस सट्टेबाजी एप से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहराई से जांच-पड़ताल करेगी.
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप घोटाला
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप घोटाला भारत के सबसे बड़े गैर-कानूनी सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक है. इस अवैध नेटवर्क की शुरुआत छत्तीसगढ़ के भिलाई से हुई थी, जिसे सौरभ चंद्राकर और उसके व्यावसायिक सहयोगी रवि उप्पल ने मिलकर तैयार किया था.
यह सिंडिकेट दुबई में अपने केंद्रीय मुख्यालय से संचालित होता था और भारत के विभिन्न राज्यों में फ्रैंचाइजी मॉडल पर 'पैनल' या 'ब्रांच' बांटकर सट्टेबाजी का कारोबार चलाता था. इस ऐप के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, कार्ड गेम्स और विभिन्न लाइव कैसीनो गेम्स पर अवैध रूप से सट्टा लगवाया जाता था.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए अरबों रुपये के काले धन को सफेद करने और मनी लॉन्ड्रिंग का काम अंजाम दिया गया. इस सिंडिकेट ने बेनामी बैंक खातों, फर्जी शेल कंपनियों और हवाला चैनलों के एक जटिल तंत्र का इस्तेमाल करके सट्टेबाजी से जुटाए गए पैसों का लेन-देन किया.
जांच एजेंसियों का अनुमान है कि महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म और इससे जुड़े अन्य सट्टेबाजी पोर्टल ने मिलकर लगभग 94,400 करोड़ रुपये की अवैध आय या प्रोसीड्स ऑफ क्राइम उत्पन्न की. इसके संचालन को सुचारू रूप से चलाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर संरक्षण हासिल करने के लिए भारी रिश्वत देने के आरोप भी लगे हैं.
यह मामला पहली बार तब व्यापक जांच के घेरे में आया, जब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आरोपी सौरभ चंद्राकर की बेहद भव्य शादी का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए थे. इस शादी में कई बॉलीवुड हस्तियों, गायकों और कलाकारों को निजी चार्टर्ड प्लेन से बुलाया गया था, जिससे वित्तीय एजेंसियों को बड़े पैमाने पर हवाला और अवैध लेन-देन का सुराग मिला.
जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त और कुर्क की है, जिसमें भारत के साथ-साथ दुबई की कई आलीशान प्रॉपर्टीज और शेयर बाजार में लगाए गए फंड शामिल हैं. रेड कॉर्नर नोटिस और विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, अब मुख्य प्रमोटरों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई कर उन्हें भारतीय जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है.