कोरबा: 10 नवंबर से कटेंगे धान खरीदी के टोकन, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है, जिसके लिए 10 नवंबर से ऑनलाइन 'तुहर टोकन' ऐप और समितियों के माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे.
कोरबा । संवाददाता: कोरबा जिले में आगामी 15 नवंबर से 15 जनवरी तक चलने वाले धान खरीदी सीजन के लिए सहकारिता विभाग ने टोकन जारी करने का नया सर्कुलर जारी कर दिया है. किसान धान खरीदी शुरू होने के 5 दिन पहले यानी 10 नवंबर से 2 महीने की खरीदी अवधि के दौरान अपनी सुविधानुसार किसी भी दिन का टोकन प्राप्त कर सकते हैं.
जिले भर में इस बार कुल 52,556 किसानों ने धान बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है, जिनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 सहकारी समितियों के अंतर्गत 73 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं.
किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए समितियों के चक्कर काटने या कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि वे पूर्व की तरह 'तुहर टोकन' मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं.
गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए जाने वाले इस ऐप में किसानों को सर्वप्रथम ओटीपी आधारित पंजीयन करना होगा. रोजाना निर्धारित खरीदी की कुल सीमा में से 70 प्रतिशत टोकन इसी ऐप के माध्यम से और शेष 30 प्रतिशत टोकन समिति स्तर से बांटे जाएंगे.
ऐप के लिए तय 70 प्रतिशत कोटे में से 80 फीसदी टोकन लघु एवं सीमांत किसानों के लिए तथा 20 फीसदी टोकन बड़े किसानों के लिए आरक्षित रखे गए हैं.
जमीन के रकबे के आधार पर टोकन वितरण की सीमा तय की गई है. इसके तहत लघु और सीमांत किसानों को 2 एकड़ तक की जमीन पर एक टोकन तथा 2 एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक की जमीन पर दो टोकन दिए जाएंगे. वहीं 10 एकड़ से अधिक जमीन वाले बड़े किसानों के लिए अधिकतम तीन टोकन प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से वे धान की मात्रा दर्ज कर स्लॉट प्राप्त कर सकेंगे.
दूसरी ओर, कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें लेने वाले कृषकों को कृषि विभाग ने 15 नवंबर तक पंजीयन कराने की छूट दी है. कृषि विभाग के उप संचालक डीपीएस कंवर के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसल चुनने वाले किसानों को प्रथम वर्ष 15 हजार रुपये तथा इसके बाद के वर्षों में 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है. पात्र किसान अपने संबंधित समिति में जाकर इसके लिए आवेदन जमा कर सकते हैं.