जांजगीर: डिजिटल अरेस्ट ठगी में इंदौर से दो गिरफ्तार, 32 लाख ठगे गए
जांजगीर-चांपा जिले में 32 लाख रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में पुलिस ने इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. ठगों ने बुजुर्ग को सीबीआई और टेलीकॉम अधिकारी बनकर फंसाया था.
जांजगीर । संवाददाता: जांजगीर-चांपा जिले में हुए 32 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में पुलिस ने इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले इस मामले में पंजाब से एक आरोपी को भी पकड़ा जा चुका था.
आरोपियों ने टेलीकॉम अथॉरिटी और सीबीआई अधिकारी का रूप धारण कर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाया था.
पुलिस के अनुसार जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने शिकायत दर्ज कराई थी. ठगों ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और इस मामले में कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है. इसके बाद आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर फोन किया और डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी.
बुजुर्ग शिकायतकर्ता आरोपियों की बातों में आ गए. ठगों ने पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर उनसे 32 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए. आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर कॉल किए थे. कुछ दिन बाद सभी नंबर बंद हो गए, तब शिकायतकर्ता को ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत की.
इस मामले में पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया. जांच के दौरान ठगी की रकम जिन बैंक खातों में भेजी गई थी, उनकी जानकारी जुटाई गई. जांच में स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में रकम जाने का पता चला.
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम इंदौर पहुंची और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौम्य जैसवार (21), निवासी प्रजापत नगर और देवराज अमकरे (24), निवासी गुरु शंकर नगर, इंदौर के रूप में हुई है. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया और अपने बैंक खातों में ठगी की रकम आने की बात बताई.
उनकी निशानदेही पर बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए गए. पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया.