मोदी सरकार संसद के विशेष सत्र में SIR पर चर्चा के लिये तैयार है- अमित शाह
संसद को बाधित करने और बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर विषय पर वार्ता के लिए तत्पर है और एसआईआर के मुद्दे पर विशेष सत्र का आयोजन करने को भी तैयार है. उन्होंने विपक्षी दल से संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देने तथा उचित बहस में भाग लेने की अपील की.
रायपुर । संवाददाता: संसद को बाधित करने और बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर विषय पर वार्ता के लिए तत्पर है और एसआईआर के मुद्दे पर विशेष सत्र का आयोजन करने को भी तैयार है. उन्होंने विपक्षी दल से संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देने तथा उचित बहस में भाग लेने की अपील की.
इसके साथ ही, शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से नक्सलवाद को मौन समर्थन दिया है. इस संदर्भ में उन्होंने 2010 में पी चिदंबरम द्वारा दिए गए उस बयान का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि नक्सलियों को हथियार छोड़ने की आवश्यकता नहीं है, बस वे हिंसा न करें. गृह मंत्री ने इस दृष्टिकोण को खारिज करते हुए संसद में दिए अपने रुख को दोहराया कि आत्मसमर्पण करने वाले हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हों, वरना जवान उनसे सख्ती से निपटेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा निर्मित यह राज्य अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सज-संवरकर विकसित हो रहा है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के निवासियों, मुख्य रूप से आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं.
गृह मंत्री ने कहा कि यह प्रदेश अब नक्सलवाद के भय से पूरी तरह मुक्त होकर प्रगति और सुशासन के स्वर्णिम युग में कदम रख चुका है. उन्होंने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राज्य पुलिस के अथक प्रयासों को देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया.
शाह के अनुसार, जिन इलाकों में जनता की चुनी हुई सरकारें नहीं थीं, वहां नक्सलियों की समानांतर सत्ता चलती थी, जिन्होंने कई बेगुनाह पत्रकारों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को फांसी पर लटका दिया. उन्होंने कांग्रेस द्वारा असंवैधानिक सरकारों के समर्थन और इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए.
इसके अलावा, अमित शाह ने राज्य की लोक संस्कृति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने उल्लेख किया कि गुरु घासीदास और गुरु नानक देव जी के समानता, सेवा व सत्य के संदेश प्रदेश की महान परंपरा का आधार हैं. अपने संबोधन में उन्होंने पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा, सैला नृत्य, छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का जिक्र किया. साथ ही ढोकरा कला, बेल मेटल, कास्ट क्राफ्ट एवं कोसा को राज्य की अनूठी पहचान के रूप में रेखांकित किया.