LPG संकट: अब 14.2 किलो के बजाय सिर्फ 10 किलो गैस ?
LPG संकट: अब 14.2 किलो के बजाय सिलेंडर में मिल सकता है सिर्फ 10 किलो गैस
नई दिल्ली । डेस्क: ईरान युद्ध के कारण घरेलू इन्वेंट्री में गिरावट और आयात में आ रही कमी को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियां बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं. सूत्रों के अनुसार, सीमित स्टॉक को बचाने और अधिक से अधिक घरों तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब 14.2 किलोग्राम वाले मानक सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम एलपीजी (LPG) भरकर सप्लाई करने पर विचार किया जा रहा है.
गौरतलब है कि नेपाल ने भी LPG संकट से उबरने के लिये तथा ज्यादा उपभोक्ताओं को सप्लाई करने के लिये 10 किलो का सिलेंडर दिया जा रहा है. इसमें सिलेंडर में कोई बदलाव नहीं किया जाता है केवल उसमें कम गैस भरा जाता है
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि 10 किलो गैस एक औसत परिवार के लिए लगभग एक महीने तक चल सकती है, जिससे मौजूदा स्टॉक को व्यापक स्तर पर साझा करना आसान होगा.
यदि यह फैसला लागू होता है, तो सिलेंडरों पर कम वजन का स्टिकर लगाया जाएगा और उनकी कीमतों में भी उसी अनुपात में कटौती की जाएगी.
वर्तमान में देश में एलपीजी की उपलब्धता बेहद चिंताजनक बनी हुई है. खाड़ी देशों से कोई नई खेप नहीं आ रही है और पिछले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल दो जहाजों ने पार किया है, जिनमें लगभग 92,700 टन गैस थी, जो भारत की मात्र एक दिन की राष्ट्रीय खपत के बराबर है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भी आपूर्ति की स्थिति को "चिंताजनक" बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया है.
आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता था. युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित होने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बीच, भारत के छह एलपीजी टैंकर अब भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं.