शराब घोटाला: ED ने 1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच की
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत तीन अंतरिम जब्ती आदेश (PAO) जारी करते हुए बड़े पैमाने पर संपत्तियों को अटैच किया है.
हालांकि इन संपत्तियों का डीड मूल्य 200 करोड़ रुपये है, लेकिन बाजार में इनकी अनुमानित कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
ED की इस कार्रवाई की जद में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर, उनके मैनेजर विकास अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल और कई बड़ी कंपनियां आई हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की गई थी.
इस जांच में साल 2019 से 2023 के बीच सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसका नेतृत्व अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा कर रहे थे.
तीन अलग-अलग जब्ती आदेशों में हुई कार्रवाई
ED ने इस कार्रवाई को तीन हिस्सों में अंजाम दिया है. पहले आदेश के तहत अनवर ढेबर और उनके वित्तीय प्रबंधक विकास अग्रवाल से जुड़ी 30 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. इसमें रायपुर के ढेबर सिटी होम्स में स्थित कई प्लॉट और बेनामी शेल कंपनियों के नाम पर दर्ज पांच जमीन के टुकड़े शामिल हैं.
दूसरा बड़ा एक्शन गोवा में हुआ है, जहां उत्तरी गोवा के अंजुना में स्थित प्रीमियम 'होटल वेस्टइन गोवा' को अटैच किया गया है. मेसर्स पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत इस होटल को 110 करोड़ रुपये में खरीदा गया था. ED का दावा है कि इस होटल को खरीदने में पूरी रकम घोटाले की कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से लगाई गई थी और इस बेहिसाबी कैश को चैतन्य बघेल के कहने पर भौतिक रूप से गोवा पहुंचाया गया था.
तीसरे आदेश के तहत ED ने शराब सिंडिकेट के दबाव में काम करने वाली तीन FL-10A लाइसेंसधारी कंपनियों के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड फ्रीज कर दिए हैं. आरोप है कि इस सिंडिकेट ने इन कंपनियों को डरा-धमकाकर उनके कॉरपोरेट मुनाफे का 50 से 60 फीसदी हिस्सा जबरन वसूल किया था.
अदालत में छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश
संपत्तियों को कुर्क करने के साथ ही ED ने रायपुर की विशेष अदालत में इस मामले की छठी पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल कर दी है. इस नई चार्जशीट में चार नए आरोपियों के नामों का खुलासा किया गया है, जिनमें व्यवसायी विजय भाटिया, टी. भुवनेश्वर राव, कैश कूरियर प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल हैं. इसके साथ ही इस पूरे शराब घोटाले मामले में अब तक आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 85 हो गई है. जांच एजेंसी ने साफ किया है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं.