धमतरी में तेंदुए का शिकार: पंजे काटकर नाखून ले उड़े शिकारी
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के धमतरी वन मंडल से वन्यप्राणी अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम कोरगांव में एक तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. शिकारियों ने मृत तेंदुए के चारों पैरों के पंजे काटकर नाखून निकाल लिए. वन विभाग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य से पूछताछ जारी है.
घटना की शुरुआत 22 दिसंबर को हुई जब एक चरवाहे ने कोरगांव स्थित एक कुएं में तेंदुआ गिरने की सूचना वन विभाग को दी. हालांकि, जब टीम मौके पर पहुंची तो कुआं खाली मिला. शक होने पर वन अमले ने आसपास के आरक्षित वन में सघन तलाशी अभियान चलाया, जहां तेंदुए का शव बरामद हुआ.
तेंदुए के शव का निरीक्षण करने पर पाया गया कि उसके चारों पैरों के पंजे कटे हुए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड को बुलाया गया. खोजी कुत्तों की मदद से टीम सीधे ग्राम कोरगांव निवासी गोवर्धन पटेल (35 वर्ष) के घर पहुंची. तलाशी के दौरान आरोपी के पास से तेंदुए के नाखून, पंजे और इन्हें काटने में इस्तेमाल हथियार बरामद किए गए. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
वन विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, तेंदुए की मौत कुएं में डूबने से हुई प्रतीत हो रही है. आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए के मरने के बाद आरोपी ने उसके अंगों की तस्करी के लिए पंजे काट दिए. हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल ने शव का पोस्टमार्टम किया है.
तेंदुए के अवयवों को फॉरेंसिक जांच के लिए जबलपुर प्रयोगशाला भेजा गया है.
तेंदुआ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित जीव है. वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है. विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा तो नहीं है.