पुनर्वास से पहले बेघर करना सही नहीं- अरुण वोरा
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के नकटी गांव में प्रशासनिक बुलडोजर चलने के बाद बेघर हुए परिवारों के समर्थन में विपक्षी दल कांग्रेस लामबंद हो गया है. इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार शाम दुर्ग के पटेल चौक पर कांग्रेसियों ने जमकर आक्रोश जताया. जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर और ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला फूंका.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई यह एकतरफा कार्रवाई आम जनता के अधिकारों का हनन है.
मामले को लेकर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि नकटी गांव में हुई यह कार्रवाई केवल मकानों को ढहाना नहीं है, बल्कि यह वहां रहने वाले गरीब परिवारों के आत्मसम्मान और उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है.
पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि नियमतः किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई से पहले प्रभावित नागरिकों के लिए वैकल्पिक ठिकाने और उचित पुनर्वास का प्रबंध करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है.
बिना किसी पूर्व व्यवस्था के लोगों को इस तरह बेघर करना पूरी तरह से अनुचित है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस संकट में पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर हर मंच पर संघर्ष करेगी.
इस दौरान दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार पिछले कई दशकों से उस स्थान पर निवास कर रहे थे, जिन्हें बिजली, पानी, सड़क, राशन कार्ड और यहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा था.
ऐसे में यदि वह भूमि सरकारी थी, तो प्रशासन इतने वर्षों तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा रहा? उन्होंने आरोप लगाया कि इस भीषण बारिश के मौसम में बिना किसी मानवीय दृष्टिकोण के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया, जो बेहद संवेदनहीन है.
वहीं, दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सत्ताधीश लगातार गरीबों, मजदूरों और किसानों की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं. नकटी की यह घटना केवल एक क्षेत्र विशेष का मामला नहीं है, बल्कि यह समूचे प्रदेश के वंचित वर्ग की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा, उचित पुनर्वास और रहने के लिए पक्के वैकल्पिक आवास की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेगी. इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई सहित दल के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे.