भारी बारिश से केके रेलमार्ग पर भूस्खलन, ट्रेनें रद्द
भारी बारिश से केके रेलमार्ग पर भूस्खलन होने से ट्रेनें रद्द
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कोत्तावलसा के के. रेल मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन हुआ है. जिसके चलते इस मार्ग पर चलने वाली सभी यात्री ट्रेनें और मालगाड़ी का परिचालन रद्द कर दिया गया है.
राहत और मरम्मत कार्य के लिए वल्टेयर रेल मंडल की टीम आवश्यक उपकरणों सहित मौके पर पहुंच गए हैं.
ट्रैक को शीघ्र बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी कर दिया गया है.
भारी बारिश के बावजूद टीम द्वारा लगातार निगरानी और सफाई का काम किया जा रहा है.
ईस्ट कोस्ट रेलवे विभाग के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने बताया कि भारी बारिश के चलते यह हादसा ओडिशा रेलवे जोन के मल्लिगुड़ा व जरति के बीच हुआ है.
बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने से ट्रैक पर मलबा सहित भारी पत्थर आ गया है. भूस्खलन होने से इस मार्ग पर चलने वाली ट्रेनें बाधित हुई हैं.
मालगाड़ियों के अलावा यात्री ट्रेनें भी बाधित हुई हैं. खासकर किरंदुल- विशाखापट्टनम नाईट एक्सप्रेस और जगदलपुर- भुवनेश्वर हिराखंड एक्सप्रेस के परिचालन को रद्द कर दिया गया है.
भूस्खलन की जानकारी मिलने के बाद रेल लाइन को दुरुस्त करने के लिए रेलवे विभाग के कर्मचारी जुट गए हैं.
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले रेल सेवा की स्थिति की जानकारी अवश्य लें. रेलवे अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं.
ट्रैक की बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी है, जिसके लिए भारी मशीनरी, सैकड़ों मजदूर और संसाधनों को लगाया गया है.
बीते साल भी भूस्खलन से रेलवे को हुआ भारी नुकसान
गौरतलब है कि साल 2024 में भी बारी बारिश के कारण इसी क्षेत्र में ट्रैक पर भूस्खलन हुआ था.
पहाड़ का मलबा और विशाल पत्थर रेलवे ट्रैक पर आ गिरे थे. लगातार बारिश के चलते मलबा हटाने में भारी दिक्कतें आई थी.
उस हादसे में करीब 25 जेसीबी मशीनें और 450 से अधिक मजदूरों की मदद से 17 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद रेल लाइन को बहाल किया गया था.
करीब 15 दिनों तक इस रेलवे रूट पर आवाजाही बाधित रही, जिससे रेलवे विभाग को काफी नुकसान हुआ था.
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