कोरबा: बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान, ग्रामीणों के विरोध के बाद पीछे हटे मंत्री
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बरबसपुर गांव में नई शराब दुकान खोलने की आहट से भड़का विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है. ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के बाद आबकारी मंत्री को खुद आगे आकर बयान जारी करना पड़ा कि अगर स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं तो वहां दुकान नहीं खोली जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की टीम केवल संभावित स्थान का निरीक्षण करने गई थी और इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. मंत्री के इस आश्वासन के बावजूद ग्रामीण और विपक्ष पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं तथा लिखित आदेश मिलने तक सतर्क रहने की बात कह रहे हैं.
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब बरबसपुर में आबकारी विभाग द्वारा दुकान शुरू करने की जानकारी फैली. इसके तुरंत बाद गांव की महिलाओं और पुरुषों ने प्रस्तावित स्थल पर मोर्चा खोलते हुए धरना शुरू कर दिया.
मामले को तूल पकड़ता देख पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए. उन्होंने विभागीय अधिकारियों से फोन पर तीखी बातचीत की और चेतावनी दी कि जनभावनाओं के खिलाफ जाकर जबरन दुकान खोलने की कोशिश की गई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा.
धरना प्रदर्शन के दौरान उस मकान मालिक ने भी अपनी सहमति वापस लेते हुए साफ कर दिया कि वह अपना परिसर शराब दुकान संचालन के लिए नहीं देगा.
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस मुद्दे को लेकर राज्य के आबकारी विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री और ओवररेटिंग जैसी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन जबरन ग्रामीण इलाकों में नई दुकानें खोलने में रुचि दिखा रहा है. हालांकि आबकारी मंत्री के सफाई देने के बाद बरबसपुर में फिलहाल स्थिति थोड़ी नियंत्रित हुई है, लेकिन इलाके में तनाव और अनिश्चितता का माहौल अभी भी बना हुआ है.