दास प्रथा के पुराने जख्मों पर किंग चार्ल्स ने जताया शोक, PM बर्नम माफी पर चर्चा के लिए तैयार
राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में किंग चार्ल्स ने ट्रांसअटलांटिक दास व्यापार को गहरा दुखद अध्याय करार दिया, जबकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने माफी की संभावनाओं पर बातचीत शुरू की है, पर वित्तीय मुआवजे को खारिज कर दिया है.
नई दिल्ली । डेस्क: किंग चार्ल्स ने एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित 56 राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए ट्रांसअटलांटिक दास व्यापार को "एक भयानक अन्याय" करार दिया है. उन्होंने कहा कि इतिहास का यह शर्मनाक अध्याय उनके दिल को दुख और आत्मा को गहरे व्यक्तिगत शोक से भर देता है. ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश रहे इन द्वीपों और सदस्य देशों पर गुलामी के प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि चरित्र और साहस के बल पर इस अन्याय का अंत किया गया, जिसमें रॉयल नेवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
इसी सम्मेलन के दौरान यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम राष्ट्रमंडल नेताओं के साथ ब्रिटेन की ऐतिहासिक भूमिका के लिए औपचारिक माफी मांगने के विषय पर चर्चा कर रहे हैं. जुलाई से पद संभाल रहे बर्नम ने कहा है कि वह माफी मांगने की मांगों को सुनने और बातचीत करने के लिए तैयार हैं, हालांकि उन्होंने वित्तीय मुआवजे की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
बर्नम का मानना है कि आज के ब्रिटिश लोगों को अतीत की गलतियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
इसके बजाय, ब्रिटेन सबसे गरीब राष्ट्रमंडल देशों के लिए "ऋण रीसेट" योजना और कैरिबियन में बुनियादी ढांचे के सुधारों के लिए 40 मिलियन पाउंड आवंटन करने की दिशा में काम कर रहा है.
बीबीसी के अनुसार, ब्रिटेन द्वारा अगले साल अपनी जी20 अध्यक्षता के दौरान माफी मांगे जाने की संभावना है. दूसरी ओर, ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बडेनोच ने औपचारिक माफी का विरोध किया है.
ब्रिटेन का दास व्यापार में एक प्रमुख स्थान रहा है, जिससे 16वीं से 19वीं शताब्दी के दौरान लाखों अफ्रीकियों को अमेरिका ले जाया गया था. वर्ष 1833 में ब्रिटिश संसद ने साम्राज्य में दास प्रथा को समाप्त करने का कानून पारित किया था.
77 वर्षीय किंग चार्ल्स की कैरिबियन यात्रा के दौरान कई विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं, जहां लोगों ने मुआवजे की मांग की है. हालांकि शाही परिवार राजनीतिक रूप से तटस्थ रहता है, इसलिए राजा द्वारा नीतिगत बदलाव या सीधी माफी की घोषणा की उम्मीद नहीं है.