इज़राइल को 3.8 अरब डॉलर की सालाना US मदद बंद- ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़राइल को दी जाने वाली 3.8 अरब डॉलर की वार्षिक सुरक्षा सहायता समाप्त करने का ऐलान किया है. ट्रम्प के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी इस सहायता को समाप्त करने पर सहमत हैं, क्योंकि इज़राइल को अब इसकी आवश्यकता नहीं है.
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को घोषणा की है कि वाशिंगटन इज़राइल के साथ 10 साल का सुरक्षा सहायता सौदा समाप्त कर रहा है. इस सौदे के तहत इज़राइल को 2028 तक सालाना 3.8 अरब डॉलर की सहायता मिलती थी.
अमेरिकी करंट अफेयर्स शो 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए एक साक्षात्कार में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ इस सहायता में कटौती पर सहमति व्यक्त की है और इज़राइल इस फैसले से "ठीक" है.
ट्रम्प ने कहा, "इज़राइल हमारा नंबर 1 है; हमने उन्हें किसी भी अन्य देश से अधिक दिया है, और अब उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है... यदि उन्हें इसकी आवश्यकता होती, तो मैं इसे जारी रखने के लिए कहता." उन्होंने यह भी कहा कि अगर इज़राइल को जरूरत होगी तो अमेरिका उनकी मदद करेगा.
यह समझौता 2019 में शुरू हुआ था और इस पर ट्रम्प के पूर्ववर्ती बराक ओबामा द्वारा तीन साल पहले हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते के तहत इज़राइल को प्रतिवर्ष लगभग 3.8 अरब डॉलर के हथियार खरीदने के लिए धन प्राप्त होता है.
काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के आंकड़ों के अनुसार, 1948 में अपनी स्थापना के बाद से इज़राइल को मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजित 300 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी आर्थिक और सैन्य सहायता मिली है, जो 1946 के बाद से किसी भी अन्य देश को मिली सहायता से काफी अधिक है.
इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी पहले अमेरिकी सहायता पर इज़राइल की निर्भरता को समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की थी. जून में नेतन्याहू ने अपने देश से सैन्य स्वायत्तता बढ़ाने और वाशिंगटन पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया था. इससे पहले जनवरी में उन्होंने 'द इकोनॉमिस्ट' से कहा था कि उन्हें एक दशक के भीतर ऐसा करने की उम्मीद है, जबकि मई में 'सीबीएस' को दिए साक्षात्कार में उन्होंने समर्थन को "शून्य" तक पहुंचाने की बात कही थी.
इसके अलावा, अक्टूबर में एक इज़राइली टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा था, "यदि आपको लगता है कि रक्षा बजट के लिए जो अमेरिकी सहायता मैंने दो बार हासिल की है—जो अरबों डॉलर की है—वह आगे भी मिलती रहेगी, तो तैयार हो जाइए और इस बात की आदत डाल लीजिए कि ऐसा नहीं होगा क्योंकि अमेरिका बदल गया है."
मंगलवार को ट्रम्प ने अपने इस निर्णय के पीछे अमेरिकी सीनेट चुनाव लड़ रहे वामपंथी डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद द्वारा किए गए हमलों का भी हवाला दिया. अल-सईद ने बढ़ते जन-असंतोष और इज़राइल विरोधी भावना के बल पर सीनेट का चुनाव लड़ा है. ट्रम्प ने फॉक्स पर इज़राइल और इस सहायता का उल्लेख करते हुए कहा, "जब उन्हें इसकी आवश्यकता ही नहीं है, तो हमें अल-सईद जैसे पागलों के हमलों को क्यों झेलना चाहिए?"
साल 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका में इज़राइल के लिए सार्वजनिक समर्थन कम हुआ है, विशेष रूप से डेमोक्रेट्स के बीच. जून के एक क्विनिपियाक विश्वविद्यालय के सर्वेक्षण में पाया गया कि 48 प्रतिशत मतदाता और 66 प्रतिशत डेमोक्रेट मानते हैं कि अमेरिका इज़राइल का बहुत अधिक समर्थन कर रहा है, जबकि 2017 में जब पहली बार यह सवाल पूछा गया था, तब यह आंकड़ा क्रमशः 16 प्रतिशत और 20 प्रतिशत था.
इसके अलावा, ट्रम्प के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' आंदोलन के कुछ सदस्य भी इज़राइल के प्रति तेजी से आलोचक हो गए हैं. उनका आरोप है कि इज़राइल ने ट्रम्प—जिन्होंने 2024 में विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों से बचने के वादे पर चुनाव प्रचार किया था—को यह विश्वास दिलाकर गुमराह किया कि ईरान को युद्ध में आसानी से हराया जा सकता है.
हालांकि कांग्रेस ने 2020 में इज़राइल के लिए इस वित्तपोषण को अधिकृत करने वाला एक कानून पारित किया था, लेकिन इस धनराशि को जारी करने और वितरित करने के लिए सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को हर साल विनियोग विधेयक पारित करना होता है.