ननों की गिरफ्तारी: कांग्रेसी आदिवासी लड़कियों से मिले
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में केरल की दो कैथोलिक ननों की धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है. मंगलवार को कांग्रेस की चार सदस्यीय टीम ने नारायणपुर जाकर उन आदिवासी लड़कियों और उनके परिवारों से मुलाकात की, जिन्हें बजरंग दल ने ननों के साथ रोक लिया था.
कांग्रेस की टीम में बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल, भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मनोज मंडावी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मोहन मरकाम और पूर्व नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप शामिल थे. मुलाकात के बाद टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बजरंग दल पर आदिवासी लड़कियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया.
भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने कहा, "हमारी आदिवासी बेटियों को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जबरन रोका, छेड़छाड़ की और मानसिक रूप से परेशान किया. यह आदिवासी समाज की गरिमा पर सीधा हमला है."
गौरतलब है कि 25 जुलाई को पुलिस ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस के साथ-साथ सुकमन मंडावी नाम के एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई बजरंग दल के एक स्थानीय कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई थी.
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केरल की ये नन तीन लड़कियों को नारायणपुर से आगरा ले जा रही थीं और उनका धर्मांतरण करने की कोशिश कर रही थीं. साथ ही मानव तस्करी का भी आरोप लगाया गया.
पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा, "आदिवासी बेटियों और ननों की गिरफ्तारी से पूरा छत्तीसगढ़ शर्मिंदा है. धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप बेबुनियाद और झूठा है."
उन्होंने आगे कहा, "छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी के कारण युवा-युवतियां दूसरे राज्यों में जा रहे हैं. सरकार राज्य में रोजगार देने में नाकाम रही है. बजरंग दल और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नौकरी की तलाश में जा रही आदिवासी लड़कियों को धक्का दिया, मारपीट की और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया."
कांग्रेस की टीम ने बजरंग दल और सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा पर लड़कियों को परेशान करने और जबरन धर्मांतरण की झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया. टीम ने राज्य सरकार की नीति को "पक्षपातपूर्ण" बताया और कहा कि पीड़ितों की बजाय आरोप लगाने वालों की बात को तवज्जो दी जा रही है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और बजरंग दल व अन्य कथित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.