JNU छात्र संघ चुनाव: लेफ्ट यूनिटी ने किया क्लीन स्वीप
नई दिल्ली । डेस्क: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में लेफ्ट यूनिटी ने गुरुवार 6 नवंबर, 2025 को अपने गढ़ को बरकरार रखते हुए छात्र संघ चुनाव में क्लीन स्वीप कर दिया है. वामपंथी गठबंधन ने सभी चारों सेंट्रल पैनल पदों पर जीत हासिल की, कैंपस में अपनी पकड़ को फिर से मज़बूत किया.
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF) के गठबंधन वाली लेफ्ट यूनिटी ने चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया.
अदिति मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के विकास पटेल को 449 मतों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की.
किज़ाकूट गोपिका बाबू ने उपाध्यक्ष पद पर तान्या कुमारी को हराया, जबकि सुनील यादव और दानिश अली ने अपने-अपने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वियों, राजेश्वर कांत दुबे और अनुज को हराकर क्रमशः महासचिव और संयुक्त सचिव के पद पर कब्जा किया.
इस वर्ष, लगभग 9,043 छात्र वोट डालने के पात्र थे, जिसमें 67% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव के 70% से थोड़ा कम रहा. मतदान के दौरान हॉस्टल और स्कूलों के बाहर कतारों में लगे छात्रों के बीच नारों, ढोल की थाप और प्रचार गीतों के साथ परिसर में जीवंत भागीदारी देखी गई.
यह परिणाम ABVP के लिए एक झटका है, जिसने पिछले साल संयुक्त सचिव का पद जीतकर JNUSU सेंट्रल पैनल में वापसी की थी. 2015 में सौरभ शर्मा की जीत से पहले, दक्षिणपंथी संगठन को 14 साल तक जीत नहीं मिली थी. ABVP की एकमात्र राष्ट्रपति पद की जीत 2000-01 में संदीप महापात्रा के नाम थी.
इस वर्ष के परिणाम के साथ, लेफ्ट यूनिटी ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक शक्ति को स्थापित किया है, जो JNU में नेतृत्व की अपनी लंबी परंपरा को जारी रखती है - एक ऐसा परिसर जिसे अक्सर बहस, असंतोष और छात्र सक्रियता का केंद्र माना जाता है.