जियोस्टार इंडिया: अवैध IPTV पायरेसी नेटवर्क के खिलाफ FIR दर्ज
अंबिकापुर । संवाददाता: जियोस्टार इंडिया (JioStar India) ने छत्तीसगढ़ में सक्रिय एक कथित अवैध आईपीटीवी (IPTV) पायरेसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है. कंपनी ने नेटवर्क ऑपरेटरों पर बिना किसी अनुमति के टेलीविजन चैनलों और ओटीटी (OTT) सामग्री को इंटरनेट आधारित वितरण प्रणालियों के जरिए अवैध रूप से प्रसारित करने का आरोप लगाया है.
कोरिया जिले के बैकुंठपुर थाने में ३० मई २०२६ को दर्ज की गई एक प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला राजीव पंजियारा और सिटीनेट इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दर्ज किया गया है. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, कॉपीराइट अधिनियम १९५७ और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम २००० की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जियोस्टार के स्वामित्व वाले कॉपीराइटेड टीवी चैनलों और उसके स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म 'जियोहॉटस्टार' की सामग्री को बिना किसी आवश्यक लाइसेंस या समझौते के आईपीटीवी इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से री-डिस्ट्रिब्यूट किया जा रहा था.
यह मामला २४ मई २०२६ को की गई एक जांच के बाद सामने आया, जिसमें प्रसारक के प्रतिनिधियों ने बैकुंठपुर में सिटीनेट इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक आईपीटीवी नेटवर्क की पहचान की. ऑपरेटर के पास पारंपरिक केबल टेलीविजन (CATV) नेटवर्क के जरिए प्रसारण की अनुमति तो थी, लेकिन इंटरनेट प्रोटोकॉल-आधारित स्ट्रीमिंग या ओटीटी री-ब्रॉडकास्टिंग की कोई वैधता नहीं थी.
जांच के दौरान "सिटी डिजिटल" फायर स्टिक और अमेजन फायर टीवी इंटरफेस के जरिए इस अवैध गतिविधि के पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए गए हैं. इस प्लेटफॉर्म पर स्टार प्लस, कलर्स, स्टार स्पोर्ट्स, डिज्नी चैनल सहित मनोरंजन, फिल्मों, खेल और बच्चों के कई प्रीमियम चैनल अवैध रूप से चलते पाए गए. इसके साथ ही जियोहॉटस्टार की सामग्री भी लगातार स्ट्रीम की जा रही थी.
जियोस्टार का कहना है कि इस बड़े पैमाने पर की जा रही कॉपीराइट उल्लंघन की गतिविधि से कंपनी को भारी वित्तीय और प्रतिष्ठित नुकसान पहुंचा है. पुलिस ने मामला दर्ज कर वीडियो रिकॉर्डिंग, टाइमस्टैम्प और फोरेंसिक डेटा जैसे तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है.