सराफा कारोबारी हत्याकांड: अमित जोगी ने कहा- जिला अनाथ हो गया
गौरेला । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी बाजार में व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है. घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
इस बीच, आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से कुल 35 हजार रुपये के नकद पुरस्कार का एलान किया गया है. बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने 30 हजार रुपये और जिले के प्रभारी एसपी अविनाश कुमार मिश्रा ने 5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और अमित जोगी ने गहरा दुख जताया. दोनों ही नेताओं ने इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए मामले को सीबीआई (CBI) को सौंपने की पुरजोर मांग की है.
अमित जोगी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान शासन में यह जिला पूरी तरह अनाथ हो चुका है और अब यह अंतर्राज्यीय तस्करी का मुख्य अड्डा बनता जा रहा है.
उन्होंने प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए 115 सीसीटीवी कैमरे वारदात के समय बंद पड़े थे. जोगी ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.
दूसरी तरफ, विधायक अटल श्रीवास्तव ने कोटमी चौकी के समस्त स्टाफ को तुरंत सस्पेंड करने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि नए जिले के निर्माण के बाद से ही यहां की कानून-व्यवस्था लगातार पटरी से उतरी है और पुलिस का अपराधियों पर कोई खौफ नहीं रह गया है.
गौरतलब है कि 26 मई 2026 को कोटमी के साप्ताहिक बाजार में इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया था, जिसके आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. स्थानीय पुलिस और प्रशासन आम जनता से लगातार अपील कर रहा है कि घटना से संबंधित कोई भी फुटेज, तस्वीर या पुख्ता जानकारी होने पर तुरंत पेंड्रा थाना या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें.