जांजगीर-चांपा: भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेस विधायक गण
जांजगीर । डेस्क: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में प्रशासनिक उपेक्षा और अधिकारों के हनन का मुद्दा अब सड़क की लड़ाई बन गया है. क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय सत्याग्रह शुरू कर दिया है.
मंगलवार को हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच, विधायक और उनके समर्थकों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार कर कलेक्टर कार्यालय के सामने डेरा डाल दिया.
इस विरोध प्रदर्शन को विपक्षी एकजुटता का भी साथ मिला है, जहां अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह और जैजैपुर विधायक भी कश्यप के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे. ब्यास कश्यप का सीधा आरोप है कि जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी और स्थानीय प्रशासन जानबूझकर जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं.
विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि वे चिलचिलाती धूप में बिना अन्न-जल ग्रहण किए तब तक अनशन पर रहेंगे, जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस लिखित आश्वासन नहीं देता.
धरने पर बैठे विधायक राघवेंद्र सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि विधायकों की उपेक्षा का मुद्दा विधानसभा में भी गूंजा था, लेकिन सत्ता पक्ष का रवैया उदासीन बना हुआ है. उन्होंने संकेत दिया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन केवल जांजगीर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में फैल सकता है.
फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा काले छाते दिखाकर सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया जा रहा है. विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आज कोई समाधान नहीं निकला, तो भविष्य में काले झंडे दिखाकर और उग्र तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा.