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जगदलपुर PWD: टेंडर खुलने से पहले ही पूरे हो गए निर्माण कार्य

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27 मई 2026, 01:59 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

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जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार विभाग के कार्यपालन अभियंता पर टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से जुड़े निर्माण कार्यों से संबंधित है. ठेकेदारों का आरोप है कि जिन कामों के लिए विभाग ने अब निविदा निकाली है, वे कार्य जमीनी स्तर पर पहले ही पूरे किए जा चुके हैं.


निविदा की तारीखों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर


PWD उत्तर बस्तर संभाग क्रमांक-1 जगदलपुर द्वारा जारी निविदा आमंत्रण सूचना (क्रमांक 2341/NIT-4/2026-2027) दिनांक 17 मई 2026 के अनुसार:

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निविदा फॉर्म प्राप्त करने की अंतिम तिथि: 25 मई 2026 (शाम 5:30 बजे तक)


निविदा जमा करने की अंतिम तिथि: 28 मई 2026 (शाम 5:30 बजे तक)


निविदा खोलने की तिथि: 29 मई 2026 (सुबह 11:30 बजे)


हैरानी की बात यह है कि टेंडर खुलने की तारीख 29 मई तय की गई है, लेकिन संबंधित निर्माण कार्य हफ्तों पहले ही निपटाए जा चुके हैं. ठेकेदारों का कहना है कि यह पूरी निविदा प्रक्रिया महज एक कागजी खानापूर्ति और वित्तीय हेरफेर को छिपाने की कोशिश है.


केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से जुड़ा है मामला


यह पूरा विवाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 18 मई के बस्तर प्रवास के दौरान हुए निर्माण कार्यों से उपजा है.


हेलीपैड और सड़क निर्माण: नेतानार गांव में सीआरपीएफ कैंप के पास हेलीपैड और कैंप तक सड़क बनाने का काम गृहमंत्री के दौरे से करीब 5 दिन पहले (13 मई के आसपास) ही शुरू हो चुका था, जबकि इसके लिए टेंडर नोटिस 17 मई को जारी किया गया.


बादल सांस्कृतिक परिसर का रिनोवेशन: टेंडर में 'बादल सांस्कृतिक परिसर' के भवनों और परिसर के जीर्णोद्धार कार्य का भी उल्लेख है. इसी परिसर में गृहमंत्री ने शहीद जवानों के परिजनों से संवाद किया था. आरोप है कि यहाँ भी मरम्मत का काम टेंडर जारी होने से पहले ही फाइनल हो चुका था.


चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की साजिश?


स्थानीय ठेकेदारों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि निविदा प्रक्रिया में सभी योग्य ठेकेदारों को समान अवसर नहीं दिया गया. आरोप है कि PWD के कार्यपालन अभियंता ने अपने कुछ पसंदीदा ठेकेदारों को बिना किसी आधिकारिक टेंडर के मौखिक रूप से काम सौंप दिया. अब उन्हीं चहेते ठेकेदारों के नाम पर टेंडर पास कराने की "फिक्सिंग" की जा रही है, जो सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है.


जिम्मेदार अधिकारी ने साधी चुप्पी


इस पूरे मामले और नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता राजीव बतरा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मामले में कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया. अधिकारी की इस चुप्पी ने संदेह को और गहरा कर दिया है.


निष्पक्ष जांच की मांग


सरकारी नियमानुसार किसी भी विकास कार्य को शुरू करने से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया का पूरा होना अनिवार्य है. बस्तर के ठेकेदारों ने इस मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP