इज़रायल का लेबनान पर हवाई हमला, बदले में ईरान ने होरमुज बंद किया
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच इज़रायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला किया है, जिसके जवाब में ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कड़ा कदम उठाया है. इज़रायल द्वारा बुधवार को लेबनान के रिहायशी इलाकों, मस्जिदों और अस्पतालों पर किए गए 100 से अधिक हवाई हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हो गई और 1,165 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री राकन नासरुद्दीन के अनुसार, मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है क्योंकि मलबे के नीचे अभी भी कई लोग दबे हुए हैं. इज़रायल की इस सैन्य कार्रवाई ने अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए हालिया संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह खतरे में डाल दिया है.
लेबनान पर हुए इस हमले के तुरंत बाद ईरानी मीडिया और समाचार एजेंसी 'फार्स' ने दावा किया कि तेहरान ने तेल टैंकरों के लिए होरमुज जलडमरूमध्य को निलंबित कर दिया है. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि का इंतज़ार है, लेकिन इस कदम ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है. ईरान की 'तसनीम' न्यूज़ एजेंसी ने सूचित किया है कि यदि इज़रायल ने लेबनान में अपनी आक्रामकता नहीं रोकी, तो ईरान औपचारिक रूप से संघर्ष विराम समझौते से पीछे हट जाएगा.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि "प्यारे लेबनान" पर हमले तुरंत बंद नहीं किए गए, तो हमलावरों को एक ऐसा जवाब दिया जाएगा जिसके लिए उन्हें पछताना पड़ेगा. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल जज़ीरा को बताया कि इज़रायल केवल "गोलियों की भाषा" समझता है और लेबनान में किए गए अपराध की सज़ा उसे ज़रूर दी जाएगी.
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि लेबनान इस संघर्ष विराम समझौते का हिस्सा कभी था ही नहीं. ट्रंप ने हिजबुल्लाह और इज़रायल के बीच जारी जंग को एक "अलग झड़प" करार दिया, जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस दावे के बिल्कुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि यह समझौता पूरे क्षेत्र और लेबनान पर भी प्रभावी है.
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के सुर में सुर मिलाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे लेबनान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को नहीं रोकेंगे. इस कूटनीतिक विरोधाभास के बीच इज़रायली लड़ाकू विमानों ने बेरुत, सिदोन और टायर जैसे प्रमुख शहरों में भारी बमबारी की है. बेका घाटी में एक अंतिम संस्कार पर किए गए हमले में 20 लोग मारे गए, जिससे तनाव और अधिक भड़क गया है.
हिजबुल्लाह ने इन हमलों को "अंधे द्वेष और क्रूरता" का परिणाम बताते हुए कहा है कि इज़रायल नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध कर रहा है और वे इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस "बर्बरता" को रोकने की गुहार लगाई है, क्योंकि देश पहले ही 12 लाख विस्थापितों के मानवीय संकट से जूझ रहा है.
नवंबर 2024 में हुए पिछले संघर्ष विराम के बाद से ही क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई थी, लेकिन ताज़ा हमलों और ईरान द्वारा होरमुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने की खबरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह युद्ध अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. यदि इज़रायल की सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो पूरे पश्चिम एशिया में एक पूर्ण विकसित युद्ध का खतरा मंडराने लगा है.