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10 महीनों में साढ़े 10 लाख करोड़ का निवेश- साय

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Hupendra Sharma

11 सित. 2025, 02:06 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

नई उद्योग नीति पर चर्चा
नई उद्योग नीति पर चर्चा

जगदलपुर | संवाददाताः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बस्तर दौरे पर गुरुवार को इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने प्रदेश की नई उद्योग नीति पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश और विदेश में सराहा जा रहा है.


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ ही टोक्यो (जापान), सियोल, दक्षिण कोरिया जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में इन्वेस्टर कनेक्ट का सफल आयोजन किया गया. इन कार्यक्रमों में भारत के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और जापान व कोरिया में कुल 6 MOU पर हस्ताक्षर हुए. वहां छत्तीसगढ़ के रेशम वस्त्र समेत कई उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया.


मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत बस्तर और सरगुजा का विशेष चयन किया गया है. एक समय यह आशंका जताई जाती थी कि नक्सलवाद के कारण प्रदेश में विकास संभव नहीं होगा, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई से माओवादी संगठन के बड़े नेताओं का खात्मा हुआ है. नक्सलवाद के कमजोर होने के बाद अब बस्तर अपने प्राकृतिक सौंदर्य जलप्रपात, गुफाएं और पर्यटन स्थलों के लिए देश-दुनिया में पहचान बना रहा है. 


सीएम ने जानकारी दी कि पिछले 10 महीनों में प्रदेश में साढ़े 10 लाख करोड़ का निवेश हुआ है और उस पर काम भी शुरू हो चुका है. आने वाले समय में प्रदेश में 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. 


मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी युवा सरकारी नौकरी नहीं कर सकते, इसलिए नई उद्योग नीति लाई गई है. इसका लाभ उठाकर युवा उद्योग और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये का MOU साइन हुआ है. इसमें NMDC, पर्यटन, होम स्टे और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं.


साय ने कहा कि इन समझौतों से बस्तरवासियों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और यहां उद्योग तेजी से बढ़ेंगे. कार्यक्रम के दौरान बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स की मांग पर मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उद्योग, श्रम और ऊर्जा विभाग के अधिकारी अब महीने में एक बार बस्तर में बैठेंगे, ताकि निवेश और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके.


इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आदिवासी जमीन के सवाल पर कहा कि अभी छोटे उद्योग लगाए जा रहे हैं. जब बड़े उद्योग लगाने का विषय बस्तर में आएगा तो आदिवासियों से चर्चा कर उनकी मंशा के अनुसार जमीन अधिग्रहण किया जाएगा.


सीएम ने कहा कि बस्तर में अब तक 1 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे 2100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, पर्यटन, निर्माण और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में यह निवेश लहर बस्तर को एक सच्चे “निवेश गंतव्य” के रूप में स्थापित कर रही है.


सीएम ने कहा कि बस्तर में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं. स्टील प्लांट के समीप समर्पित सीमेंट प्लांट, मोटर रिपेयर और वाइंडिंग, मशीन एवं फैब्रिकेशन शॉप्स, पंप रिपेयर जैसी सहायक इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही लोहा और इस्पात उद्योग से जुड़े पिग आयरन, टीएमटी बार, एंगल/चैनल, वायर रॉड्स और ब्राइट बार के उत्पादन की भी बड़ी संभावनाएं हैं.


उन्होंने कहा कि नई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है. इसमें तीन सालों तक 10,000 रुपये मासिक सहायता, शहरी क्षेत्रों में 4 डिसमिल प्लॉट या ग्रामीण क्षेत्रों में एक हेक्टेयर जमीन दी जाएगी. साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण, पूर्ण ईनामी राशि और सामूहिक आत्मसमर्पण (80 प्रतिशत से अधिक) पर दुगुना इनाम तथा नक्सल-मुक्त गांवों के लिए 1 करोड़ रुपये तक की विकास योजनाएं स्वीकृत होंगी.


सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 15,000 घर आत्मसमर्पित माओवादियों और हिंसा प्रभावित परिवारों के लिए मंजूर किए गए हैं.1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश या 1,000 से अधिक रोजगार देने वाली परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे. फार्मा, एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स, आईटी व डिजिटल टेक, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस-डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को प्राथमिकता दी गई है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP