ईरान से युद्ध के चलते अमेरिका में महंगाई ने पकड़ी रफ्तार
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिका में महंगाई दर पिछले तीन साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहे मौजूदा सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है, जिसके चलते तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई के आकलन के लिए सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले पैमाने, 'व्यक्तिगत उपभोग व्यय' (पीसीई) में अप्रैल महीने के दौरान सालाना आधार पर 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अमेरिकी वाणिज्य विभाग के ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पिछले महीने यानी मार्च में यह वृद्धि 3.5 प्रतिशत थी.
मासिक आधार पर देखें तो अप्रैल में पीसीई इंडेक्स 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मार्च में इसमें 0.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी. इस महंगाई का सबसे बड़ा असर पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहा है, जहां ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोल की कीमतों में अकेले अप्रैल महीने में 5.5 प्रतिशत का उछाल आया.
अमेरिका में वर्तमान में एक गैलन पेट्रोल की औसत कीमत 4.42 डॉलर तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने 4.17 डॉलर और 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के समय 2.98 डॉलर थी.
ऊर्जा के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो नवंबर 2022 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है. इसके अलावा आवास और उपयोगिता (यूटिलिटी) खर्चों में भी 0.6 प्रतिशत की तेजी आई है.
लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी नागरिक अब अपनी बचत का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे पिछले महीने बचत दर में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई.
महंगाई के इन आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व और उसके नए चेयरमैन केविन वॉर्श पर दबाव बढ़ा दिया है, जिनकी अध्यक्षता में 16-17 जून को पहली नीतिगत बैठक होने जा रही है. केंद्रीय बैंक का लक्ष्य महंगाई को 2 प्रतिशत के दायरे में लाना है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मूल्य दबाव अगले कुछ महीनों तक जारी रह सकता है. जेपी मॉर्गन चेस के एक विश्लेषण के अनुसार, केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत के दायरे में साल 2027 के मध्य तक स्थिर रखा जा सकता है, जिसके बाद कटौती के बजाय दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
हालांकि, महंगाई के इस दबाव के बावजूद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखा गया, जहां नैस्डैक और एसएंडपी 500 क्रमशः 0.6 और 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.