इंद्रावती बाढ़: छत्तीसगढ़ BJP अध्यक्ष किरण देव ने केंद्र से मांगा विशेष राहत पैकेज
रायपुर । संवाददाता: बस्तर संभाग, विशेषकर जगदलपुर में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक किरण सिंह देव ने केंद्र सरकार से बस्तर के लिए विशेष राहत और पुनर्वास पैकेज की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को पत्र लिखकर मांग की है कि एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम बस्तर भेजकर फसल, मकान और पशुधन के नुकसान का तत्काल आकलन कराया जाए.
किरण देव ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बेहतर समन्वय के लिए केंद्रीय जल आयोग (CWC) को नोडल एजेंसी बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए.
इस आपदा से निपटने के लिए खातीगुड़ा बांध से छोड़े जाने वाले पानी का रियल-टाइम टेलीमेट्री डेटा छत्तीसगढ़ के साथ साझा करने और इंद्रावती बेसिन में सेंसर-आधारित स्वचालित बाढ़ चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
पत्र में जोरा नाला की भौगोलिक समस्या और अंतर-राज्यीय जल विनियमन को बाढ़ के मुख्य कारणों में से एक बताया गया है. किरण देव ने जोरा नाला के लिए एक नया विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, वहां गेटेड रेगुलेटर स्ट्रक्चर बनाने, इंद्रावती नदी की तलछट की सफाई (ड्रैजिंग) और जगदलपुर शहर के लिए अमृत योजना के तहत एकीकृत स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण का प्रस्ताव रखा है.
बाढ़ के कारण राज्य में भारी तबाही हुई है, जिसमें लगभग 8 लोगों की जान चली गई और 16,000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा. लगभग 571 गांवों की 22,000 से अधिक आबादी इससे प्रभावित हुई है.
किरण देव ने खरीफ फसलों के नुकसान, क्षतिग्रस्त मकानों, पशुधन की हानि और छोटे व्यापारियों के नुकसान के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (NDRF) से सीधी आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है. उन्होंने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा को भी पत्र भेजा है.