साल 2025: बस्तर से झारखंड तक 10 बड़े नक्सली नेता मारे गए
साल 2025: बस्तर से झारखंड तक 10 बड़े नक्सली नेता ढेर
रायपुर । डेस्क: छत्तीसगढ़ सहित देश के चार राज्यों में इस साल नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है. सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के लिए सबसे विनाशकारी वर्ष साबित हुआ है, जिसमें संगठन के 10 शीर्ष नेताओं को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया गया.
इनमें सबसे बड़ी कामयाबी मई माह में मिली, जब सुरक्षा बलों ने माओवादियों के जनरल सेक्रेटरी और मुख्य रणनीतिकार नंबाला केशव राव उर्फ 'बासवराजू' को 26 अन्य कैडरों के साथ ढेर कर दिया. बासवराजू पर ₹1.33 करोड़ का इनाम था और वह आईईडी विस्फोटों व सैन्य प्रशिक्षण का विशेषज्ञ माना जाता था.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और नारायणपुर में हुई मुठभेड़ों में जयराम रेड्डी उर्फ 'चलपति' और मोडेम बालकृष्णन जैसे केंद्रीय समिति के सदस्यों को भी मार गिराया गया.
ऑपरेशन का दायरा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी समन्वित कार्रवाई की गई. झारखंड में प्रज्ञा मांझी और सहदेव सोरेन जैसे बड़े नेता मारे गए, जबकि आंध्र प्रदेश में ग्रेहाउंड्स बल ने उदय और खूंखार नक्सली नेता माडवी हिडमा को मार गिराया.
वहीं 25 दिसंबर को ओडिशा के कंधमाल में हुए एक बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय समिति के सदस्य और ₹1.1 करोड़ के इनामी गणेश उइके को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया.
बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि इन शीर्ष नेताओं के खात्मे से संगठन के समन्वय, मनोबल और भर्ती प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव पड़ा है.
जानकारों का मानना है कि सरेंडर कर चुके नक्सलियों से प्राप्त सटीक इनपुट और सुरक्षा बलों की बेहतर रणनीति ने माओवादी नेतृत्व के पतन को तेज कर दिया है.
वर्तमान में सुरक्षा बल गणपति और मिसिर बेसरा सहित शेष 9 शीर्ष नेताओं की तलाश में जुटे हैं, ताकि इस समस्या का जड़ से सफाया किया जा सके.