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फार्मास्युटिकल कचरे का गलत निपटान खतरनाक

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07 जून 2026, 07:22 AM 3 मिनट में पढ़ें 5

पर्यावरण
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बेंगलुरु । डेस्क: बेंगलुरु डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (बीडीसीडीए) ने एक्सपायर्ड दवाओं और मेडिकल कचरे के गलत निपटान से पर्यावरण को होने वाले गंभीर नुकसान पर गहरी चिंता जताई है. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगठन ने इस बात पर जोर दिया है कि अक्सर इस बड़े खतरे को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य और प्रकृति दोनों के लिए बेहद खतरनाक है. 


इस वर्ष पर्यावरण दिवस की थीम 'प्रकृति से प्रेरित. जलवायु के लिए. हमारे भविष्य के लिए.' पर आधारित कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष थिरुनावुक्कारसु ने कहा कि आमतौर पर लोग पर्यावरण संरक्षण का मतलब सिर्फ पेड़ लगाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और आसपास की सफाई रखने से जोड़ते हैं.

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बेशक ये कदम बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक्सपायर्ड दवाएं, फेंकी गई सुइयां, चिकित्सा पैकेजिंग और अन्य फार्मास्युटिकल कचरा अगर जिम्मेदारी से नष्ट न किए जाएं, तो यह मिट्टी, जल निकायों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को जहरीला बना सकते हैं. 


यह प्रदूषण वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा संकट खड़ा कर रहा है.


एसोसिएशन के अध्यक्ष ने रेखांकित किया कि रिटेल फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा में सीधे तौर पर मरीजों और उपभोक्ताओं से जुड़े होते हैं. इस वजह से उनकी सामाजिक जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. 

फार्मासिस्टों का काम केवल सुरक्षित दवाएं देना ही नहीं है, बल्कि आम जनता को यह भी सिखाना है कि एक्सपायर्ड दवाओं का सुरक्षित निपटान कैसे किया जाए. इसके लिए बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट यानी जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों और कौशलों को सीखना और अपनाना बेहद जरूरी है.


इस समय बाजार में एक और चिंताजनक स्थिति बनी हुई है. देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं जहां एक्सपायर्ड दवाओं और खाद्य पदार्थों के बैच नंबर और एक्सपायरी डेट को बदलकर उन्हें दोबारा अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा है. 


यह जालसाजी सीधे तौर पर जनता के जीवन से खिलवाड़ है और इससे पूरी स्वास्थ्य प्रणाली पर भरोसा कमजोर होता है. दवा विक्रेताओं को ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए और इसकी तुरंत संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करनी चाहिए.


अंत में यह स्पष्ट किया गया कि पर्यावरण की रक्षा और जनस्वास्थ्य एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हुए हैं. दूषित हवा, पानी और मेडिकल कचरा कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं. 


पर्यावरण को स्वच्छ रखकर ही हम जैव विविधता को बचा सकते हैं और जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम कर सकते हैं. एसोसिएशन का मानना है कि सुरक्षित तरीके से नष्ट की गई हर एक एक्सपायर्ड दवा हमारे भविष्य और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है. Symbolic Photo.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP