IIT भिलाई छात्र की मौत: जांच के लिए समिति गठित
दुर्ग । संवाददाता: आईआईटी भिलाई ने बीटेक प्रथम-सेमेस्टर के छात्र सौमिल साहू की मृत्यु से संबंधित कैंपस स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े मुद्दों की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया है.
आईआईटी भिलाई के एक अधिकारी ने बताया कि समिति में एम्स रायपुर के विशेषज्ञ, एक स्थानीय सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि और एक छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं. समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, जो संस्थान की व्यवस्थागत खामियों को दूर करने की तत्परता को दर्शाती है.
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के निवासी सौमिल साहू की मृत्यु 11 नवंबर को हुई थी. इस दुखद घटना के बाद, आईआईटी भिलाई ने सुधारात्मक उपायों की एक श्रृंखला की घोषणा की, जिसमें पुलिस जाँच शुरू करना, चिकित्सा सुविधाओं का पूर्ण नवीनीकरण, और एक स्वतंत्र तथ्य-खोज पैनल का गठन शामिल है.
संस्थान ने एक बयान में कहा कि सौमिल का "दुखद, असमय और अप्रत्याशित निधन" कैंपस समुदाय को "गहरे सदमे और दुख" में छोड़ गया है. उनके माता-पिता और दोस्तों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, आईआईटी भिलाई ने कहा कि वह इस मामले को "तत्परता, पारदर्शिता और करुणा" के साथ संभालने के लिए प्रतिबद्ध है.
संस्थान ने आगे कहा कि उसके निदेशक ने छात्र की मृत्यु के आसपास की परिस्थितियों की विस्तृत जाँच करने के लिए औपचारिक रूप से एसपी, दुर्ग से अनुरोध किया है. तत्काल प्रशासनिक कदम उठाते हुए, आईआईटी भिलाई ने कैंपस में आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य सेवा को लेकर छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं का हवाला देते हुए 11 नवंबर को अपने चिकित्सा अधिकारी को निलंबित कर दिया है.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के भिलाई में आईआईटी के हॉस्टल में रह रहे बीटेक के एक छात्र की मंगलवार को मौत हो गई. मृतक की पहचान सौमिल साहू (18) के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के हरदा बाईपास का रहने वाला था और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रथम सेमेस्टर में पढ़ रहा था.
दुर्ग के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुष्टि की कि साहू को मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मिर्गी का दौरा पड़ा. उन्हें तुरंत स्पर्श अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. एसपी ने बताया कि मौत की सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है.
आईआईटी भिलाई के प्रवक्ता रत्नदीप सामंत ने कहा कि मौत प्राकृतिक थी. उन्होंने आगे कहा कि मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.
इस बीच, छात्रों ने इस मौत के बाद संस्थान में चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. आईआईटी के सूत्रों ने बताया कि साहू को सोमवार को बुखार था और वह संस्थान परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र गए थे. सूत्रों का आरोप है कि केंद्र में उनका सही से निदान नहीं किया गया. सूत्रों ने यह भी बताया कि जब साहू की तबियत बिगड़ी, तो उन्हें मंगलवार को वापस स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया था.