IIM रायपुर ने लॉन्च किए डिजिटल हेल्थ क्षेत्र में तीन नए कोर्स
रायपुर । संवाददाता: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर ने देश में डिजिटल स्वास्थ्य शिक्षा और नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नए शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम लॉन्च किए हैं. संस्थान ने अपने 'सेंटर फॉर हेल्थ इनोवेशन, पॉलिसी एंड डिजिटल हेल्थ' (CHIPDH) के तहत 'एकेडमी ऑफ डिजिटल हेल्थ साइंसेज' के साथ मिलकर इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है. इन नए कार्यक्रमों में चीफ डिजिटल हेल्थ ऑफिसर (CDHO) प्रोग्राम, नर्सों के लिए डिजिटल हेल्थ में प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम और फार्मासिस्टों के लिए प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं.
इन कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
यह कार्यक्रम विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों, अस्पताल प्रशासकों, नर्सों, फार्मासिस्टों और वरिष्ठ स्वास्थ्य सेवा अधिकारियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. संस्थान में पहले से ही पोस्ट-ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन डिजिटल हेल्थ (PGCPDH) का चौथा बैच और अस्पतालों के संस्थापकों और सीईओ के लिए एग्जीक्यूटिव लीडरशिप प्रोग्राम का तीसरा बैच सफलतापूर्वक चल रहा है.
IIM रायपुर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है. संस्थान का लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जो प्रबंधन, स्वास्थ्य नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित नेतृत्व को जोड़ सके.
वहीं एकेडमी ऑफ डिजिटल हेल्थ साइंसेज के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता ने बताया कि दुनिया भर में स्वास्थ्य प्रणालियां अब एआई-सक्षम (AI-enabled) सेवा वितरण की ओर बढ़ रही हैं, इसलिए पेशेवरों के लिए यह विशेष शिक्षा आवश्यक है.
डिजिटल हेल्थ पहलों के अध्यक्ष प्रो. जिज्ञासु गौर ने कहा कि ये कोर्स आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता प्रदान करेंगे.
जहां सीडीएचओ (CDHO) कार्यक्रम में एआई-सक्षम स्वास्थ्य प्रणालियों और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) ढांचे के अनुपालन को शामिल किया गया है, वहीं नर्सों का कार्यक्रम भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित है जो प्रौद्योगिकी-सक्षम रोगी देखभाल पर केंद्रित है. फार्मासिस्ट कार्यक्रम भी स्व-गति से सीखने की सुविधा देता है.