सावधान ! ये टमाटर ले सकता है आपकी जान
अमरीकी टमाटर से मौत का खतरा
नई दिल्ली | डेस्क : अमरीका में साल्मोनेला बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण टमाटरों को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है. अमरीकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने विलियम्स फार्म्स और एच एंड सी फार्म्स द्वारा 23 से 28 अप्रैल 2023 के बीच जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में वितरित टमाटरों को क्लास-1 रिकॉल में शामिल किया है. क्लास-1 रिकॉल FDA की सबसे गंभीर श्रेणी है, जो उपभोक्ताओं के लिए बीमारी या मृत्यु का खतरा दर्शाती है.
FDA ने उपभोक्ताओं से इन टमाटरों का उपयोग न करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. हालांकि, अमरीका में अभी तक इस संक्रमण से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है. भारत में रहने वाले लोगों को सीधा खतरा नहीं है, लेकिन अमरीका से टमाटर मंगवाने वालों को सतर्क रहना चाहिये.
गौरतलब है कि साल्मोनेला एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से कच्चे या अधपके मांस, अंडे, दूध, फल और सब्जियों के माध्यम से फैलता है. यह बैक्टीरिया साल्मोनेलोसिस नामक बीमारी का कारण बनता है. इससे डायरिया, बुखार, पेट में ऐंठन, कुछ मामलों में उल्टी होना, सिरदर्द और थकान होता है.
साल्मोनेला का संक्रमण आमतौर पर 4 से 7 दिनों तक रहता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह अस्पताल में भर्ती होने का कारण बन सकता है. छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इस संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं.
भारत में टमाटर की मांग मुख्य रूप से स्थानीय उत्पादन से पूरी होती है, क्योंकि भारत विश्व के सबसे बड़े टमाटर उत्पादक देशों में से एक है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, भारत में प्रति वर्ष लगभग 19-20 मिलियन टन टमाटर का उत्पादन होता है, जो घरेलू मांग को पूरा करने के लिये पर्याप्त है. इसलिए, सामान्य परिस्थितियों में अमरीका से टमाटर आयात करने की आवश्यकता नहीं पड़ती.
हालांकि, कुछ विशेष मामलों में, जैसे कि प्रीमियम सुपरमार्केट, रेस्तरां या खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों द्वारा विशिष्ट प्रकार के टमाटर (जैसे चेरी टमाटर या ऑर्गेनिक प्रजातियाँ) आयात किये जा सकते हैं. यदि किसी ने निजी तौर पर अमरीका से ताजे टमाटर मंगवाये हैं, तो उन्हें FDA की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिये और संदिग्ध टमाटरों का उपयोग न करना चाहिये.