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छत्तीसगढ़ी में अगले कुछ दिन भारी बारिश की चेतावनी

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Hupendra Sharma

23 सित. 2025, 09:57 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

बारिश
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रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम में परिवर्तन के साथ ही बारिश की संभावना बनी हुई है. अगले 24 घंटों के भीतर राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.


खासकर जशपुर, कोरबा, रायगढ़, नारायणपुर सहित 16 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई स्थानों पर मध्यम तो कहीं भारी बारिश हो सकती है.


फिलहाल बारिश थमने के बाद कुछ दिनों से पड़ रही तेज धूप व उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं. आने वाले दिनों में बारिश होती है तो इससे लोगों को जरूर राहत मिलेगी.


मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण ओडिशा के तट पर बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात बना हुआ है, जो धीरे-धीरे हवा के कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो रहा है. इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी हुई है.


इसका असर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा पड़ेगा. साथ ही बादलों की आवाजाही के कारण इसका प्रभाव उत्तरी छत्तीसगढ़ से लेकर झारखंड तक पड़ने की भी संभावना है. 


मौसम विभाग ने 23 सितंबर को रायपुर सहित कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है.


इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहने का अनुमान है. साथ ही राज्य के कुछ हिस्सों में एक-दो जगह भारी वर्षा और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है.


बारिश फसलों के लिए लाभदायक

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा इस समय 32° उत्तर/74° पूर्व से 21° उत्तर/68° पूर्व तक फैली हुई है.


तटीय आंध्र प्रदेश के मध्य हिस्सों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है.


उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती तंत्र भी 5.8 किमी ऊंचाई तक असर डाल रहा है.


लौटते मानसून की बारिश धान की खेती के लिए लाभदायक होगी. इन दिनों धान की फसल में बालियां निकल रही है. इसके लिए बारिश अनुकूल साबित होगी. क्योंकि इसी समय में धान के पौधों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है. 


छत्तीसगढ़ का मानसून सीजन

छत्तीसगढ़ का मानसून सीजन हर साल 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक रहता है. हालांकि मानसून की विदाई में अभी कुछ समय बाकी है.


इस साल सितंबर में अब तक औसत से कुछ कम बारिश हुई है. लेकिन आने वाले दिनों में इस कमी को पूरा किया जा सकता है.


इस अवधि में होने वाली बारिश को रेनी सीजन के तहत ही माना जाएगा और उसके बाद जो बारिश होगी उसे पोस्ट मानसून की श्रेणी में डाला जाएगा. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP