एपस्टीन संग हरदीप पुरी की तस्वीर, राहुल ने पूछा- अमेरिकी दबाव में किसे किया जा रहा है ब्लैकमेल?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दोषी अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की एक कथित तस्वीर सामने आने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने मोदी-शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अमेरिका के सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ एक कथित तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सरकार की "आपराधिक उदासीनता" करार दिया है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि अमेरिका आखिरकार किस "देशद्रोही" को ब्लैकमेल कर रहा है. उन्होंने अमेरिका-भारत के बीच जारी कूटनीतिक और व्यापारिक घटनाक्रमों के संदर्भ में इस खुलासे पर गंभीर सवाल खड़े किए.
बताया जा रहा है कि यह विवादित तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग (US DoJ) द्वारा जारी की गई है, जिसमें हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एपस्टीन एक टेबल के आमने-सामने बैठे नजर आ रहे हैं.
कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को हरदीप पुरी और एपस्टीन के संबंधों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि भारत के एक केंद्रीय मंत्री का नाम ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराधी से जुड़ रहा है.
वेणुगोपाल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन खुलासों का असर भारत और अमेरिका के बीच होने वाले आगामी व्यापारिक समझौतों पर पड़ सकता है.
वहीं, कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने हरदीप पुरी के उस पुराने बचाव पर हमला बोला, जिसमें मंत्री ने कहा था कि वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) के हिस्से के रूप में मिले थे.
खेड़ा ने दावा किया कि अमेरिकी रिकॉर्ड के अनुसार 2014 से 2017 के बीच दोनों के बीच कम से कम 62 ईमेल्स का आदान-प्रदान हुआ था और 14 बैठकें हुई थीं, जिनमें से कई व्यक्तिगत बैठकें थीं. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय मंत्री को इस संबंध में जनता के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए.
इसके अलावा सुप्रिया श्रीनेत और बी.वी. श्रीनिवास समेत कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इस मामले में सरकार से नैतिक जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी हरदीप सिंह पुरी पर 'एपस्टीन फाइल्स' में नाम आने को लेकर विपक्ष हमलावर रहा है.
हालांकि, पुरी पूर्व में अपने ऊपर लगे इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं और उनका कहना रहा है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में काम करने के दौरान उनकी यह मुलाकातें बेहद सीमित और केवल आधिकारिक दायरे में थीं, जिनका एपस्टीन के व्यक्तिगत अपराधों से कोई संबंध नहीं था.