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स्पेन के कैटालोनिया में 'कैटलन अलायंस' का उभार: मुस्लिम विरोधी लहर ने बढ़ाया ध्रुवीकरण

स्पेन के कैटालोनिया में अलगाववाद की जगह अब मुस्लिम विरोधी और प्रवासी विरोधी एजेंडा हावी हो रहा है. जानिए कैसे 'कैटलन अलायंस' क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है.

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22 अक्टू. 2026, 01:02 AM 4 मिनट में पढ़ें 40

स्पेन के मुस्लिम
स्पेन के मुस्लिम

नई दिल्ली । डेस्क: स्पेन के सबसे समृद्ध और औद्योगिक रूप से मजबूत क्षेत्रों में से एक, कैटालोनिया की राजनीति में पिछले एक दशक में व्यापक और अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है. वर्ष 2017 में स्पेन से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बनाने की असफल कोशिश के बाद, अब इस क्षेत्र में अलगाववाद का मुद्दा पीछे छूट चुका है. इसकी जगह अब प्रवासी विरोधी भावना और मुस्लिम विरोधी एजेंडे ने ले ली है. इस राजनीतिक ध्रुवीकरण के केंद्र में एक नई कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी 'कैटलन अलायंस' है, जिसकी लोकप्रियता में बहुत तेज़ी से इजाफा हो रहा है.

हालिया जनमत सर्वेक्षणों के आंकड़ों के मुताबिक, कैटालोनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी होने के बावजूद यह पार्टी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनने की राह पर अग्रसर है. वर्ष 2028 में होने वाले आगामी क्षेत्रीय चुनावों से पहले जारी अनुमानों में संकेत दिए गए हैं कि कैटलन अलायंस सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी को सीधी चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुकी है. स्पेन के इस आर्थिक केंद्र में यह बदलाव यूरोप भर में फैल रही उस दक्षिणपंथी लहर का ही हिस्सा माना जा रहा है, जो हाल के वर्षों में जर्मनी, इटली और फ्रांस जैसे बड़े देशों में देखने को मिली है.

रिपोल हमले के बाद बदली राजनीतिक दिशा

कैटलन अलायंस की नींव फ्रांस की सीमा के करीब स्थित रिपोल नाम के एक छोटे से कस्बे में पड़ी थी. यह वही स्थान है जहां 2017 में बार्सिलोना पर हुए आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं का संबंध था. इस हमले में 16 लोगों की जान चली गई थी और इसकी जिम्मेदारी आईएसआईएल ने ली थी. इस भयावह घटना के बाद रिपोल की वर्तमान मेयर और कैटलन अलायंस की प्रमुख सिल्भिया ओरिओल्स ने आक्रामक रूप से मुस्लिम विरोधी रुख अपनाया. ओरिओल्स का तर्क है कि अनियंत्रित प्रवासन, बढ़ती आपराधिक घटनाएं और स्थानीय भाषा का घटता इस्तेमाल कैटालोनिया की संस्कृति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है.

पार्टी ने उन मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने में सफलता हासिल की है जो पुराने स्वतंत्रतावादी दलों के ढुलमुल रवैये और विफलता से निराश हो चुके थे. कई स्थानीय नागरिकों का मानना है कि प्रवासियों की बढ़ती संख्या और सांस्कृतिक अंतर के कारण क्षेत्र में असुरक्षा की भावना बढ़ी है, जिससे पुराने अलगाववादी मुद्दों के बजाय सुरक्षा और पहचान के मुद्दे मुख्य प्राथमिकता बन गए हैं.

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मुस्लिम समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल

कैटलन अलायंस के इस अचानक उभार ने क्षेत्र में लंबे समय से रह रहे मुस्लिम समुदाय को गहरे भय और चिंता में डाल दिया है. स्पेन में रहने वाले लगभग 24 लाख मुसलमानों में से सबसे बड़ी आबादी कैटालोनिया में निवास करती है. स्थानीय मुस्लिम संगठनों का कहना है कि यह उभार निराधार नफरत और गलत जानकारियों के प्रसार पर आधारित है.

समुदाय के प्रतिनिधियों का मानना है कि अधिकांश प्रवासी यहां काम करने, रहने और समाज में घुलने-मिल मिलने के इरादे से आते हैं. हालांकि, 2017 के हमलों के बाद से शुरू हुआ नस्लवाद अब इस राजनीतिक मोड़ के बाद और अधिक खुलकर सामने आ रहा है. लोगों को डर है कि इस तरह के उग्र बयानों से आने वाले दिनों में उनके दैनिक जीवन और सामाजिक सद्भाव पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

आर्थिक संकट और बदलती राष्ट्रीय राजनीति

स्पेन में प्रवासन और इस्लामोफोबिया पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि देश में सदियों से मौजूद मुस्लिम विरोधी भावनाएं हाल के वर्षों में फिर से सतह पर आ गई हैं. मौजूदा समय में मुस्लिम प्रवासियों को देश की वास्तविक समस्याओं जैसे आवास संकट, बेरोजगारी और अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

यद्यपि स्पेन की केंद्र सरकार यूरोप के अन्य देशों की तुलना में प्रवासियों के प्रति अधिक नरम नीति अपनाती रही है, लेकिन आम जनता का एक बड़ा हिस्सा यह महसूस करने लगा है कि प्रवासी उनके रोज़गार और बुनियादी सुविधाओं में प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं. नवंबर में होने वाले आगामी राष्ट्रीय चुनावों में भी कंजर्वेटिव पीपुल्स पार्टी और कट्टर दक्षिणपंथी वोक्स पार्टी को बढ़त मिलने के आसार हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्पेन की पूरी राजनीतिक संरचना अब धीरे-धीरे दाईं ओर खिसक रही है.

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