गरियाबंद: लोहे की सीढ़ी के सहारे नदी पार करने को मजबूर स्कूली बच्चे, NHRC ने भेजा नोटिस
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चों के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है. मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
मिली जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक स्थित खंभाथा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के दर्जनों बच्चे पढ़ाई के लिए पैरी नदी पार करने को मजबूर हैं. नदी पर बन रहा पुल अधूरा पड़ा है, जिससे बच्चे पुल से लगी एक संकरी और फिसलन भरी लोहे की सीढ़ी के सहारे नदी पार करते हैं.
मानसून के दौरान नदी का जलस्तर और बहाव काफी तेज हो जाता है, जिससे यह सफर बच्चों की जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है.
NHRC ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक बेहद गंभीर मामला है. आयोग ने प्रशासन की इस अनदेखी पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं.
बताया जा रहा है कि मैनपुर ब्लॉक के देहरगुड़ा और खंभाथा के बीच बन रहे इस 300 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य पिछले छह सालों से अटका हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले संबंधित अधिकारियों ने छह महीने के भीतर काम पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है.
पुल का निर्माण पूरा न होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को रोजाना इस जानलेवा रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.